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हर कामयाब पुरुष के पीछे होती है नारी शक्ति

7 वर्ष पहले
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मोरपागांव में विद्याभारती द्वारा संचालित आदर्श विद्यामंदिर में मातृ शक्ति सम्मेलन आयोजित किया गया। अध्यक्षता मूर्ति मालव ने की। मुख्य अतिथि नीतू शर्मा विशिष्ट अतिथि परवीन बेगम मुख्य वक्ता रामस्वरूप शर्मा थे।

मुख्य वक्ता शमा ने कहा कि हमारे महापुरुषों ने समाज मे कुछ हट कर काम किए। राष्ट्र उत्थान में महत्वपूर्ण कार्य कर समाज के लिए परिवर्तन ज्ञान अर्जन किया। महापुरुषों के पीछे उनकी मां का योगदान प्रमुख रूप से रहा। आज की मां भी बालक की हर गतिविधि का ध्यान रखे, तो बालक आगे चल कर अच्छे समाज का निर्माण कर सकता है।

परम ब्रह्मा ने एक से अनेक बनाने की सोची और मातृ शक्ति का उदय किया। हर कामयाब महापुरुष के पीछे नारी शक्ति का ही हाथ रहा है। तभी जाकर राम भगवान कृष्ण भगवान बने। माता जीजाबाई की प्रेरणा से बालक शिबु महान शिवाजी बन सका।

मुख्य अतिथि नीतू शर्मा ने कहा कि बालक के जीवन से मां को निकाल दिया जाए, तो वह कभी मानव नहीं बन सकता। मातृ शक्ति की बेटी बहू, मां सास के रूप में अपने संस्कारों से परिवारों को आपस में जोड़े रखती है। आज जब पूरे राष्ट्र में भ्रष्टाचार अनेक बुराइयों का बोल बाला है तो माताओं ने जीजा बाई यशोदा कौशल्या बन कर वीर पुत्रों को जन्म देना होगा, जो इन बुराइयों से राष्ट्र को मुक्त करा सके। वर्तमान में पाश्चात्य संस्कृति का प्रचलन अधिक हो गया है, जिसके कारण परिवार टूटते जा रहे हैं।

इस विखंडन का प्रभाव भावी पीढ़ी पर पड़ रहा है। बालक की दिशा में मां की अहम भूमिका होती है कि बालक का विकास किस प्रकार होना चाहिए। मूर्ति मालव ने कहा कि बालक के मन में अभिभावक को सद विचार उत्पन्न करने चाहिए कि वह सोचे की मेरे किस आचरण से माता-पिता का मान या अपमान होता है। बालक में कोख से ही संस्कार उत्पन्न होते हैं। संचालन आचार्य नरेश मालव ने किया। अंत में प्रधानाचार्य जगदीश प्रसाद मालव ने सभी का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर बजरंगलाल शर्मा, राधाकिशन नागर, रमेश मालव, अमरलाल मालव, दिलीप यादव सहित महिलाएं मौजूद थीं।