मूलभूत सुविधाओं को तरस रहा सुल्तानपुर
सुल्तानपुर| सुल्तानपुरकस्बा वर्तमान में भी मूलभूत सुविधाओं से पिछड़ा हुआ है, जिससे कस्बे का विकास नहीं हो पा रहा है। कस्बे में सभी धर्म के लोग निवास करते हैं। कस्बे को सांप्रदायिक सौहार्द की दृष्टि से आदर्श कस्बा माना जाता है। कस्बे में करीब 30 हजार की आबादी होने के बावजूद आज भी नगरपालिका नहीं होने के कारण विकास में बाधा बनी हुई है। इसी प्रकार वाहन पार्किंग, खेल मैदान, सार्वजनिक पार्क, सामुदायिक भवन, रोड लाइट आदि सुविधाएं कस्बे को मिल जाएं तो कस्बे का विकास संभव है। कस्बे को अगर विकास के मार्ग पर अग्रसर करना है तो सर्वप्रथम यहां नगरपालिका का होना अत्यंत आवश्यक है। कस्बा नगरपालिका बनने के सभी मापदंडों पर खरा उतरता है। इसी के साथ मुख्य बाजार, भौंरा बाजार, हाट चौक आदि स्थानों पर वाहन पार्किंग स्थल की सुविधा नहीं होने के कारण व्यापारियों ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कस्बे में खेल मैदान की अत्यंत आवश्यकता है। कस्बे में सार्वजनिक खेल मैदान नहीं होने के कारण युवाओं की खेलों के प्रति रुचि कम होती जा रही है। इसी के साथ मुख्य बस स्टैंड पर सामुदायिक भवन नहीं होने के कारण राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
कस्बे में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए राजकीय महाविद्यालय की भी आवश्यकता है। कस्बे की बालक-बालिकाओं को विद्यालय शिक्षा के बाद महाविद्यालय शिक्षा के लिए कोटा जाना पड़ता है। एक ओर तो सरकार शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के लिए प्रयास कर रही हैं। इसी प्रकार अगर कस्बे में महाविद्यालय बन जाए तो कस्बे में शिक्षा के स्तर को बढ़ावा मिलेगा और बालिकाओं को शिक्षा नहीं छोड़नी पड़ेगी। कस्बे में सार्वजनिक पार्क का होना अत्यंत आवश्यक है, जिससे ग्रामीणों को सुबह की सैर के लिए उचित स्थान मिल सकेगा।