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अस्पताल में संसाधनों का टोटा, मरीजों की मुसीबत

7 वर्ष पहले
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सुल्तानपुर. अस्पतालकी दीवारों पर थूकी गई पान-गुटखे की पीक।

सुल्तानपुर. अस्पतालके प्रसव कक्ष में बिना चादर के फटे गद्‌दे‌।

भास्कर न्यूज | सुल्तानपुर

कस्बेके सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर असुविधाओं के चलते रोगियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जो चिकित्सक नर्सिंग कर्मी अस्पताल में लगाए गए हैं, उनका डेपुटेशन करने से परेशानी और अधिक बढ़ी है।

अस्पताल में करीब ढाई महीने से एक्सरे मशीन खराब होने से रोगियों को 40 किमी दूर कोटा जाना पड़ता है। इससे समय धन दोनों की बरबादी होती है।

खालीपदों के बाद भी डेपुटेशन पर लगा दिए यहां के डाॅक्टर, बढ़ी परेशानी

सामुदायिकस्वास्थ्य केंद्र पर स्वीकृत पदों के मुकाबले रिक्त पद चल रहे हैं। उसके बाद कार्यरत चिकित्सकों को भी अन्यत्र लगा देने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में 9 चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं, जिसमें तीन पद रिक्त हैं। एक चिकित्सक का डेपुटेशन अन्यत्र कर रखा है। अस्पताल समय में भी रोगियों को उपचार परामर्श के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। नर्सिंग स्टाफ में करीब एक दर्जन पद स्वीकृत हैं जिनमें से दो नर्सिंग स्टाफ को डेपुटेशन पर लगाने से समस्या हो रही है। वहीं प्रयोगशाला कक्ष में स्टाफ की कमी के चलते समस्या होती है। प्रयोगशाला में 3 लैब टेक्नीशियन पद स्वीकृत है जिसमें एक पद रिक्त चल रहा है। वहीं लैब सहायक के तीन पदों हेल्पर का एक पद रिक्त चल रहा है। ब्लॉक का सबसे बड़ा अस्पताल होने के कारण यहां प्रतिदिन 300 से 400 जांचे होती हैं।

जननीसुरक्षा वार्ड लेबर रूम में भी असुविधाओं का अंबार

लेबरपोस्ट ऑपरेटिव वार्ड में बेड पर चादर तक नहीं बिछी हुई है। वहीं गद‌्दे भी फटेहाल हैं। राज्य सरकार द्वारा जननी सुरक्षा पर अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। अस्पताल में जननी वार्ड अलग बनने के बावजूद वहां बिछे बेड पर तो गद्दे बिछाए गए और उसकी हालत देख कर लगता है कि महीनों से सफाई तक नहीं हुई है। सुविधा होने के बावजूद डिलीवरी केसों को लेबर पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड में रखा जा रहा है। अस्पताल के वार्डों में दीवारों पर जाले लगे हैं। साथ ही विभिन्न स्थानों पर दीवार पान गुटखे के पीक से रंगी थी। अस्पताल का कार्यालय कक्ष 11 बजे तक बंद होने के कारण रोगियों को भटकना पड़ता है।

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