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भारतीय संस्कृति की शिक्षा योग आधारित होनी चाहिए : देवनानी
‘सूर्य नमस्कार का विरोध करने वाले फिर रोशनी से भी करें परहेज’
, अंधेरे कमरों में बैठें : देवनानी
शिक्षामंत्री वासुदेव देवनानी ने स्कूलों में सूर्य नमस्कार का विरोध करने वाले लोगों को आड़े हाथ लेते हुए कहा है कि सूर्य तो ब्रह्मांड का अंग है। उसे किसी धर्म या संप्रदाय से जोड़ना गलत है। जो लोग विरोध कर रहे हैं उन्हें फिर सूर्य से भी परहेज करना चाहिए।
उसकी रोशनी और ऊर्जा लेते हैं लेकिन उसे नमस्कार करने से परहेज करते हैं। ऐसे लोगों को अंधेरे कमरों में बैठना चाहिए। उन्होंने साफ कहा कि सूर्य 10 योगों का पूर्ण योग है। उस पर आपत्ति करना गलत है। यह भारत में नहीं चलेगा। सोमवार को यहां सुमेरपुर में विद्या भारती स्कूल के शिलान्यास समारोह में उन्होंने मंच से यह बात कही।
अपने उद्बोधन में शिक्षा मंत्री ने कहा कि हमने विद्या भारती ही नहीं सभी स्कूलों में ध्यान, योग और सूर्य नमस्कार को अनिवार्य किया है। जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं, वह गलत है। उन्होंने कहा कि हम जल्द ही पाठ्यक्रम में परिवर्तन कर रहे हैं। अब अकबर महान नहीं प्रताप महान का पाठ पढ़ाएंगे। सुमेरपुर से लौटते हुए उन्होंने पाली के सर्किट हाउस में शिक्षा अधिकारियों की बैठक ली। इससे पूर्व उन्होंने मीडिया के सामने भी इस बात को दोहराया। उन्होंने कहा कि यह सब विपक्ष की चाल है। ध्यान का महत्व बताते हुए देवनानी ने कहा कि ध्यान करने में कोई बुराई नहीं है। योग ध्यान करने से बालक स्वस्थ रहता है।
रमसाके तहत मार्च तक होगे 1 हजार करोड़ के कार्य होंगे : शिक्षामंत्रीने रमसा योजना के अंतर्गत मार्च तक 1 हजार करोड़ के निर्माण कार्य करवाने की बात कही। सर्व शिक्षा अभियान के तहत 100 करोड़ के कार्य करवाने की बात कही।
शिक्षा राज्यमंत्री देवनानी ने कहा कि पाली जिले में 10 मॉडल स्कूल खोले जाएंगे। इसके लिए सरकार ने बजट जारी कर दिया है। यह स्कूल एक साल में ही बनकर तैयार हो जाएंगे। इन स्कूलों में बच्चों को आने-जाने के लिए परिवहन खर्च दिया जाएगा। साथ ही सीबीएसई पैटर्न पर अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा भी दी जाएगी। देवनानी ने कहा कि मॉडल स्कूलों का नाम स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल होगा। इन स्कूलों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही सभी विषयों की लैब भी होगी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए नए शिक्षा सत्र से प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक आदर्श स्कूल भी खोला जाएगा।
एक महीने में भरे जाएंगे 13 हजार शिक्षकों के पद
देवनानीने दावा किया कि एक महीने में रिक्त पड़े 13 हजार पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। इन शिक्षकों में 8 हजार डीपीसी से 5 हजार पद आरपीएससी से भरे जाएंगे। साथ ही पिछले लंबे समय से रिक्त पड़े 142 डीईओ के पदों को भरने का वादा किया। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश आते ही तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा 2013 का परिणाम जारी कर दिया जाएगा। अब तक राज्य सरकार ने 587 याचिकाओं का निस्तारण करवाया है। इसके अलावा द्वितीय श्रेणी भर्ती परीक्षा 2011 में सफल अभ्यर्थियों को भी शीघ्र ही नियुक्ति देने का वादा किया। उन्होंने कहा कि अब शिक्षक तृतीय श्रेणी, द्वितीय श्रेणी प्रथम श्रेणी के अध्यापक के स्थान पर अब अध्यापक, वरिष्ठ अध्यापक व्याख्याता कहलाएंगे।
सुमेरपुर. समारोह को संबोधित करते शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी।