शिक्षा अधिकारियों को मंत्री की फटकार
प्रत्येक अधिकारी को महीने में 8 से 10 स्कूलों के निरीक्षण के निर्देश
भास्करन्यूज | पाली
शिक्षाराज्यमंत्री बनने के बाद सोमवार को पहली बार पाली पहुंचे वासुदेव देवनानी ने सर्किट हाउस में बंद कमरे में शिक्षा अधिकारियों की बैठक लेकर उनकी कार्यशैली पर कई सवाल खड़े किए। देवनानी ने शिक्षा अधिकारियों को स्कूलों का निरीक्षण नहीं करने पर फटकार भी लगाई। साथ ही कड़े लहजे में चेताते हुए कहा कि प्रत्येक अधिकारी को महीने में कम से कम 8 से 10 स्कूलों का निरीक्षण कर इसकी रिपोर्ट सरकार को भेजनी होगी। उन्होंने सरकारी स्कूलों में छात्रों के लगातार कम हो रहे नामांकन पर भी गहरी चिंता जताई। सुमेरपुर में दानदाताओं के सहयोग से बनाई जा रही एक स्कूल का शिलान्यास करने के बाद पाली पहुंचे शिक्षा राज्यमंंत्री ने सर्किट हाउस में जिले के सभी शिक्षा अधिकारियों की बैठक ली। करीब दो घंटे तक चली इस बैठक के दौरान उन्होंने शिक्षा उप निदेशक, डीईओ, एडीईओ, बीईईओ तथा एबीईईओ से जिले की शैक्षिक स्थिति की जानकारी ली। देवनानी ने इन स्कूलोंं में रिजल्ट सुधारने के साथ ही अन्य बिंदुओं पर भी विस्तृत रूप से चर्चा की। स्कूलों के अधिकारियों की निरीक्षण रिपोर्ट देखकर देवनानी काफी नाराज हुए। अधिकांश अधिकारियों से किए गए निरीक्षण संबंधी सवालों पर संतुष्ट नहीं होने पर देवनानी ने कहा कि निरीक्षण के अभाव में सरकारी स्कूलों में आशानुरूप परिणाम आने की संभावना नहीं है। बैठक में देवनानी ने शिक्षा विभाग के क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में अधिकारियों से फीडबैक भी लिया।
माला नहीं, पैसे सीएम कोष में जमा कराओ
मंत्रीका स्वागत करने के लिए माला लेकर पहुंचे भाजपा कार्यकर्ताओं तथा अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों से माला पहनने से मना करते हुए देवनानी ने कहा कि माला पहनाने के बजाय यह पैसे मुख्यमंत्री सहायता कोष में जमा कराओ, ताकि पीड़ितों की सेवा के काम सके।
इन्होंने पेश की स्कूलों की रिपोर्ट : बैठकमें जिला शिक्षा अधिकारी भंवरलाल नरवाल, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार शर्मा ओमप्रकाश सोनी ने भी विभागीय कार्ययोजनाओं के बारे में शिक्षा राज्यमंत्री के समक्ष प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस दौरान विधायक ज्ञानचंद पारख एसडीएम विशाल दवे भी मौजूद थे। इससे पूर्व शिक्षा मंत्री का पाली पहुंचने पर भाजपा शहर मंडल अध्यक्ष रामकिशोर साबू, पार्षद त्रिलोक चौधरी, किशोर सोमनानी, रितेश छाजेड़, विकास बुबकिया, निखिल व्यास, किशन प्रजापत, पंकज ओझा बहादुरसिंह ने स्वागत किया।
राज्यमंत्री देवनानी ने एकीकरण विसंगतियां, बोर्ड परीक्षाओं के रिजल्ट में सुधार लाने, रमसा के तहत हो रहे निर्माण-कार्यों की प्रभावी मॉनिटरिंग करने, स्कूलों के निरीक्षण, सर्व शिक्षा अभियान, शारदे छात्रावासों के प्रभावी संचालन विभागीय पदोन्नति सहित अनेक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही शिक्षा उन्होंने सरकारी स्कूलों में घटते नामांकन को लेकर चिंता भी जताई। उन्होंने शिक्षकों से सीधा संवाद कर स्कूलों की प्रभावी मॉनिटिंरिग करने की अधिकारियों को हिदायत दी। बैठक में शिक्षा विभाग उपनिदेशक माध्यमिक नूतनबाला कपिला ने जिले में शिक्षा के क्षेत्र में रही समस्याओं से देवनानी को अवगत कराया।