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6 वर्ष पहले
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प्रेमाराम निर्विराेध बने...

इस पद को लेकर मतगणना के तत्काल बाद ही रानी क्षेत्र से खीमाराम चौधरी, जैतारण से मल्लाराम सीरवी तथा रायपुर इलाके के प्रेमाराम चौधरी ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के समक्ष अपनी दावेदारी जता दी थी। तीनों की मजबूत दावेदारी को देखते हुए यहां पर पंचायतीराज मंत्री सुरेंद्र गोयल, सुमेरपुर विधायक जिलाध्यक्ष मदन राठौड़ समेत अन्य नेताओं ने एक राय बनाने का प्रयास भी किया था। इसको लेकर कई बार जिले के पदाधिकारियों ने कई बार अपने स्तर पर बैठक बुलाकर तीनों में से एक नाम पर सहमत नहीं होने पर ओबीसी वर्ग से ही किसी अन्य जाति के जिला परिषद सदस्य को उम्मीदवार बनाने की तैयारी कर ली थी। दो दिन तक यह रस्साकशी चलती रही। शनिवार सुबह 8 बजे जिलाध्यक्ष मदन राठौड़ चुनाव प्रभारी मेघराज लोहिया को आलाकमान का मैसेज मिला। और प्रेमाराम चौधरी को उम्मीदवार घोषित किया गया।

नएजिला प्रमुख ने कहा स्वच्छता रहेगी प्राथमिकता : चुनावजीतने के साथ ही प्रेमाराम चौधरी ने अपनी प्राथमिकता भी साफ कर दी। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं स्वच्छता अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने का वादा किया। बालिका शिक्षा और पंचायती राज को और मजबूत करने के साथ उनके सामने आने वाली शिकायतों और समस्याओं के शीघ्र निपटारे की भी बात कही।

अबउप जिला प्रमुख को लेकर भाजपा की रणनीति : भाजपाकी अब उप जिला प्रमुख भी निर्विरोध बनाने की रणनीति है। ओबीसी से जिला प्रमुख बनवाने के बाद अब सामान्य वर्ग या एससी वर्ग से किसी को मौका दिया जा सकता है। इसमें आशा कंवर, नवलकिशोर तथा विजयराम बावल के नाम चर्चाओं में हैं।

प्रेमारामको पहली बार मिला बड़ा पद : प्रेमारामचौधरी मूलत: पिपलिया गांव के रहने वाले हैं। 42 वर्षीय चौधरी करीब 20 साल से भाजपा में सक्रिय हैं। एक बार वे भाजपा के कृषि उपज मंडी प्रकोष्ठ से उपाध्यक्ष रह चुके हैं। अभी जिला उपाध्यक्ष हैं। उन्होंने वर्ष 2010 में रायपुर पंचायत समिति से सदस्य का चुनाव लड़ा था, मगर वे हार गए थे। उत्तरप्रदेश से प्राइवेट छात्र के रूप में दसवीं तक पढ़ने वाले चौधरी को इस बार भाजपा ने जिला परिषद सदस्य का टिकट दिया, जिसमें वे जिले में सर्वाधिक वोटों से चुनाव जीते। भाजपा से अब वे जिला प्रमुख बने हैं।

लंदनमें रहकर भी पैरवी, लौट आए सुबह ही : प्रेमारामचौधरी को जिला प्रमुख बनाने में सांसद पीपी चौधरी की प्रमुख भूमिका रही। वे शुरू से ही प्रेमाराम चौधरी के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। गुरुवार शुक्रवार को लंदन दौरे पर होने के बाद भी वे लगातार सीएमओ तथा प्रदेश भाजपा अध्यक्ष समेत स्थानीय नेताओं से संपर्क में रहे। शनिवार सुबह ही वे जोधपुर लौटे और तत्काल पाली पहुंच गए। जिला प्रमुख सीट ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित होने के बाद प्रेमाराम को जिला परिषद सदस्य का टिकट दिलाने में भी उनकी अहम भूमिका रही थी। वार्ड 27 से एकबारगी सुनील सीरवी का टिकट लगभग तय हो चुका था।

शक्ति-प्रदर्शनभी काम नहीं आया : भाजपामें जिला प्रमुख पद के प्रबल दावेदार माने जा रहे खीमाराम चौधरी मल्लाराम सीरवी ने तो वरिष्ठ नेताओं के समक्ष नवनिर्वाचित सदस्यों का संख्या बल भी दिखाया था। शुक्रवार रात एकबारगी तो ऐसा लग रहा था कि खीमाराम मल्लाराम में से कोई एक ही प्रत्याशी तय होगा। देर रात भाग्यश्री का नाम भी उछाला गया, लेकिन इन पर शनिवार सुबह विराम लग गया।

घर में अकेली...

शनिवार सुबह 10 बजे मवेशी चराने वाली एक महिला वृद्धा की बकरी लेने के लिए पहुंची तो दरवाजा थोड़ा खुला था। उसने अंदर झांका तो वृद्धा को खाट पर पड़ा देख आसपास के लोगों को बुलाया। इस बीच सूचना मिलने पर सदर थाना प्रभारी अमरसिंह रतनू पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और मौका मुआयना किया। बाद में एएसपी जयपाल यादव एफएसएल एमओबी की टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का मुआयना किया।