पाली. कचहरी परिसर के सामने सोमवार से किसान, ग्रामीण पशुपालक धरने पर बैठ गए। उन्होंने बताया कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं जाएगा तब तक महापड़ाव जारी रहेगा। धरने पर बैठे लोगों ने सरकार की सदबुद्धि के लिए भजन-कीर्तन शुरू कर दिया।
धरने को संबोधित करते हुए किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष जयेंद्रसिंह गलथनी ने कहा कि पैंथर कंजर्वेशन को लागू करना किसानों की हत्या करना है। ये क्षेत्र में लागू होने के बाद किसानों ग्रामीणों के लिए रहना मुश्किल हो जाएगा तथा खेती करना असंभव होगा। उन्होंने बताया कि 12 अगस्त को उक्त संगठन द्वारा प्रदर्शन कर सरकार से समस्या के समाधान के लिए ज्ञापन देकर 20 दिवस का समय दिया था।
इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई तथा किसानों पशुपालकों को प्रस्तावित पैंथर कंजर्वेशन क्षेत्र की सहमति देने के दबाव बनाया गया, जो कि लोकतंत्र विरोधी है। इसी के विरोध में सोमवार से अनिश्चितकालीन धरना दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि कंजर्वेशन क्षेत्र लागू होने के बाद किसान अपने खेत में डीएपी यूरिया इस्तेमाल नहीं कर सकता है और नहीं दवाई छांट सकेगा। किसान रात को खराई नहीं करा सकेगा। कुआं गहरा नहीं करा पाएगा। इस अवसर पर पूर्व विधायक अमृत परमार, उपाध्यक्ष तेजसिंह, किसान मजदूर संघ इंटक के प्रदेश अध्यक्ष उमाशंकर मूंदड़ा, महावीरसिंह बिसलपुर, मदनसिंह जीवदा, कल्याणसिंह खिवांदी आदि मौजूद थे।
सरकार की सद्बुद्धि के लिए भजन
पैंथर कंजर्वेशन के विरोध में धरने पर बैठे ग्रामीणों ने बताया कि सरकार को सदबुद्धि देने के लिए भजन-कीर्तन शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि जब तक योजना को निरस्त नहीं किया जाता है महापड़ाव जारी रहेगा।
पांच बार हो चुकी है बैठक
एक-एक पंचायत में पैंथर योजना के विरोध में पांच-पांच बार बैठक हो चुकी है तो योजना को निरस्त क्यों नहीं किया जा रहा है। किसानों ने आदेश को निरस्त नहीं करने तक महापड़ाव जारी रखने को कहा। सोमवार को एसडीएम, तहसीलदार, डीवाईएसपी, बाली, सुमेरपुर ने महापड़ाव स्थल पर आकर किसानों से वार्ता की।
बाली. पेंथर कन्जर्वेशन के विरोध में महापडाव को संबोाधित करते हुए किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष जयेंद्रसिंह गलथनी।