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किसानों का दूसरे दिन भी महापड़ाव, वार्ता विफल

7 वर्ष पहले
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नगरके एसडीएम कार्यालय के बाहर पैंथर कंजर्वेशन के विरोध में किसानों, ग्रामीणों पशुपालकों का महापड़ाव दूसरे दिन भी जारी रहा। धरने को संबोधित करते हुए किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष जयेंद्रसिंह गलथनी ने कहा कि बुधवार को तीन बजे तक मांगें नहींं मानी तो 3 बजे के बाद महापड़ाव धरना के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग सांडेराव पर जाम लगा देंगे। एक भी गाड़ी को नही जाने देंगे। उन्होंने बताया कि हमारे क्षेत्र में पिछले एक साल में जितनी जमीन खरीदी है, उसे आरटीआई सूचना के तहत मांगेंगे। उन्होंने बताया कि पैरवा पर्वत पर 30 बीघा से अधिक जमीन पर वन विभाग ने पैड-पौधों के नाम पर 30 लाख रुपए उठाए तथा एक भी पौधा नहीं लगाया। उपाध्यक्ष तेजसिंह ने कहा की यदि सरकार ने मांगें नहीं मानी तो वे पीछे हटने वाले नहीं है। पूर्व विधायक अमृत परमार ने कहा कि अगर हमारी मांगें नहीं मानी तो कल बाली बंद का आह्वान किया जाएगा।

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मजदूरसंघ के प्रदेश अध्यक्ष उमाशंकर मूंदड़ा ने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक हमारी मांगें सरकार नहीं मानेगी तब तक महापड़ाव जारी रहेगा। इस अवसर पर महावीरसिंह बिसलपुर, वकील मंडल के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट अमृत परिहार, वरदाराम चौधरी, अचलसिंह, विजयराज चौधरी, शैलेंद्रसिंह चौहान, गणपतलाल चौधरी आदि मौजूद थे।

प्रशासन के साथ वार्ता फिर असफल

मंगलवारको एसडीएम, तहसीलदार, डीवाईएसपी, बाली, सुमेरपुर ने किसानों से वार्ता की। किसानों ने बताया कि प्रशासन के साथ वार्ता असफल रही। उन्होंने कहा कि योजना को निरस्त नहीं किए जाने तक महापड़ाव जारी रहेगा।

वकील मंडल ने दिया साथ

वकीलमंडल के सदस्यों की मंगलवार को बैठक आयोजित की गई। बैठक में सदस्यों ने एकराय होकर धरने में शामिल हुए। वकील मंडल के सदस्यों ने बताया कि जब तक धरना रहेगा वकील मंडल का साथ रहेगा।

महापड़ाव के दौरान प्रशासन किसानों के बीच हुई वार्ता बेनतीजा रही।