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कल से और बढ़ सकती है ठंड

7 वर्ष पहले
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पाली . सुमेरपुर-शिवगंज. दिसंबर के अब तक नौ दिन गुजर चुके हैं तथा अब ठंड का असर नजर आने लगा है। मौसम वैज्ञानिकों की माने तो 12 दिसंबर के बाद उत्तर मध्य भारत के ज्यादातर इलाकों में बादलों की आवाजाही के बीच बारिश की संभावना बनी रहेगी।
मौसम विभाग के अनुसार एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस 12 दिसंबर को उत्तर भारत में दस्तक देने जा रहा है। इसी के साथ एक दूसरा वेदर सिस्टम मध्य भारत होता हुआ वेस्टर्न डिस्टरबेंस से टकराएगा। इस वजह से उत्तर भारत के इलाकों में बारिश की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार जैसे ही बारिश का सिलसिला थमेगा। वैसे ही दिन के साथ-साथ रात के तापमान में भी गिरावट दर्ज की जाएगी, लेकिन उत्तर भारत में 14 दिसंबर के बाद घना कोहरा भी छा सकता है।
सोमवार की अपेक्षा मंगलवार को न्यूनतम तापमान में 0.4 डिग्री की कमी दर्ज की गई तथा पारा 8.4 डिग्री पर पहुंच गया है। वहीं अधिकतम तापमान भी 0.2 डिग्री की गिरावट के साथ 28.8 डिग्री पर दर्ज किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले कुछ दिनों में न्यूनतम पारा 8.0 डिग्री से नीचे तक जा सकता है।

इस सीजन की सबसे ठंडी रात

मंगलवार की रात इस सीजन की सबसे ठंडी रात थी। न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री पर पहुंच गया है। सोमवार को न्यूनतम तापमान 8.8 डिग्री था। वहीं अधिकतम तापमान भी 28.8 डिग्री पर रिकॉर्ड किया गया है।

चलेंगी तेज हवाएं

बुधवार को 16 से 17 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। वहीं आद्रता भी 14 से 16 प्रतिशत के करीब रहेगी। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 12 दिसंबर के बाद सर्दी का असर और बढ़ेगा।

वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण होगी बारिश

मौसम विभाग के अनुसार एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस 12 दिसंबर को उत्तर भारत में दस्तक देने जा रहा है। इसी के साथ एक दूसरा वेदर सिस्टम मध्य भारत होता हुआ वेस्टर्न डिस्टरबेंस से टकराएगा। इस वजह से उत्तर भारत के इलाकों में बारिश की संभावना है।

रबी की फसलों को चाहिए और तेज ठंड

दो दिन से हवा बादलों के कारण भले सर्दी लग रही है, पर फिर भी दिसंबर में जैसी ठंड पड़नी चाहिए, वैसी इस बार नहीं दिख रही है। इससे किसानों को रबी की पैदावार कम होने की चिंता सताने लगी है। किसानों के अनुसार रबी फसल बोने के समय ठंड अच्छी पड़ती है तो फसल अच्छे अंकुरण के साथ अच्छी जमती हैं।