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दीपक को अंतिम विदाई, कुंपावत बंधुओं के लिए दुआ
लुटेरों के टारगेट पर दीपक ही था
सोशल मीडिया में शहरवासियों के टारगेट पर विधायक
{ जद्दोजहद के बाद पोस्टमार्टम के लिए माने परिजन, कड़ी सुरक्षा में शव घर भेजा
{ मृतक के सिर में गोली ढूंढने मोर्चरी में मंगवानी पड़ी पोर्टेबल एक्स-रे मशीन
भास्कर न्यूज | पाली
जबरदस्ततनाव और नारेबाजी के बीच मृतक दीपक सोनी के शव का कड़ी सुरक्षा के बीच बुधवार को पोस्टमार्टम किया गया। इस दौरान मोर्चरी के बाहर सैकड़ों लोगों का जमावड़ा रहा। कई बार परिजनों के साथ नागरिकों ने आरोपियों की गिरफ्तार नहीं होने तक पोस्टमार्टम नहीं करने के लिए अड़ गए।
इसके बाद कलेक्टर रोहित कुमार गुप्ता, एसपी अनिल कुमार टांक तथा विधायक ज्ञानचंद पारख की समझाइश के बाद नागरिक माने। इस दौरान पूरे वक्त तक माहौल गर्माया रहा। शाम 4 बजे दीपक के शव का अंतिम संस्कार किया गया। घर से दीपक की अर्थी उठी तो शहरवासी उमड़ पड़े। हर किसी की आंख में आंसू थे तो जुबां पर पुलिस के प्रति गुस्सा।
शेष|पेज13
डाॅ.डीके शारदा, अर्जुन योगी और डॉ.केशाराम पटेल के नेतृत्व वाली तीन सदस्यीय डॉक्टरों की टीम सुबह 9 बजे ही मोर्चरी के बाहर पहुंच गई थी, लेकिन इस घटना से गुस्साए लोगों ने उन्हें मोर्चरी में प्रवेश ही नहीं करने दिया। प्रशासन और पुलिस के विरोध में जमकर नारेबाजी होते देखकर इन डॉक्टरों को वापस लौट जाना पड़ा। पुलिस के निर्देश पर करीब 10.30 बजे फिर से ये लोग पोस्टमार्टम के लिए आए तब भी हालत में कोई बदलाव नहीं दिखा और फिर से इन्हें वापस लौटना पड़ा। दोपहर बाद विधायक, कलेक्टर, एसपी अन्य जनप्रतिनिधियों की समझाइश के बाद लोग माने और पोस्टमार्टम किया गया। करीब एक बजे पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा।
हरआंख रही नम, हर जुबां पर कातिलों को पकड़ने की मांग
सुबह7 बजे से ही बांगड़ अस्पताल के मोर्चरी के बाहर लोगों की जमकर भीड़ जमा होने लगी,देखते ही देखते हजारों लोग वहां पहुंच गए थे। इस दौरान पुलिस के खिलाफ लोगों में जबरदस्त गुस्सा नजर आया। जब तक पोस्टमार्टम शुरू नहीं हुआ अपराधियों को पकड़ने की मांग को लेकर पुलिस के खिलाफ रुक-रुक कर नारेबाजी होती रही। जैसे ही पोस्टमार्टम शुरू हुआ हर आंख में नमी नजर आई और हर जुबां पर पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भी आक्रोश साफ तौर पर झलक रहा था। जितनी देर तक पोस्टमार्टम चला, बार-बार स्थिति बिगड़ने की आश