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शनिधाम ने सरकार को दिया मेडिकल कॉलेज का प्रस्ताव

6 वर्ष पहले
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अगरसब कुछ ठीक रहा तो पाली को जल्द ही मेडिकल कॉलेज की सौगात मिल जाएगी। शनिधाम ट्रस्ट ने जनहित में बागावास गांव में निर्माणाधीन अपना मेडिकल कॉलेज सरकार को सौंपने का प्रस्ताव दिया है। दाती मदन राजस्थानी ने पिछले दिनों मुख्यमंत्री वसुधंरा राजे को यह प्रस्ताव दिया था। उनका कहना था कि पाली में सरकारी मेडिकल कॉलेज के निर्माण में अभी काफी वक्त लग सकता है। सरकार चाहे तो शनिधाम अपना निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज देने के लिए तैयार है। ताकि जिलेवासियों को उच्च स्तरीय मेडिकल सुविधाएं भी मिल सके। इस प्रस्ताव पर गुरुवार को जिला कलेक्टर रोहित कुमार गुप्ता ने सीएमएचओ अन्य अधिकारियों के साथ निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज भवन अस्पताल का निरीक्षण किया।

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वेइसकी रिपोर्ट सरकार को सौंपेंगे। उसके बाद सरकार यह निर्णय करेगी कि जिले में सरकारी मेडिकल कॉलेज अलग से ही बनेगा या बाघावास में शुरू किया जाएगा।

एमबीबीएस के साथ उच्च स्तर का पैरामेडिकल स्टॉफ प्रशिक्षण

शनिधामका यह प्रोजेक्ट 200 बीघा जमीन पर है। इसमें पहले अस्पताल और अगले सत्र में यहां मेडिकल काॅलेज के लिए मान्यता लेने का लक्ष्य था। यहां एमबीबीएस के अलावा पैरा मेडिकल स्टाफ के प्रशिक्षण की सुविधाएं भी जुटाई गई हैं। इसके अलावा हृदय रोग संस्थान तथा कैंसर उपचार संस्थान शुरू किए जाने की योजना भी है।

^दाती महाराज के प्रस्ताव के बाद सरकार के निर्देश पर हमने निर्माण स्थल का निरीक्षण किया है। एक मेडिकल कॉलेज के लिए जरूरी मापदंडों के लिहाज से इसे जांचने की कोशिश की है। अपनी रिपोर्ट सरकार को भेजेंगे। जिस पर आगे सरकार को ही फैसला लेना है। -रोहितगुप्ता, कलेक्टर

शनिधाम ट्रस्ट बागावास में अपना मेडिकल कॉलेज बनवा रहा है। दाती महाराज के अनुसार यह मल्टी स्पेशलिटी सुविधाओं युक्त अंतरराष्ट्रीय मानकों पर होगा। यहां 750 बेड के अस्पताल के साथ 50 बेड का चौबीसों घंटे काम करने वाला ट्रोमा वार्ड , पैरामेडिकल स्टॉफ, एएनएम और जीएनएम के ट्रेनिंग कॉलेज भवन, अन्य सुविधाओं भी जुटाई जा रही हैं। इसका ज्यादातर काम पूरा हो चुका है। इसी बीच सरकार ने पाली में मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा भी कर दी। लेकिन दो साल में इसके लिए सिर्फ जमीन ही मिली है। इसमें देरी को देखते हुए ही महाराज ने यह प्रस्ताव रखा। जिसके बाद कलेक्टर गुप्ता और दूसरे अधिकारी निर्माण स्थल पर निरीक्षण के लिए पहुंचे।

{बागावास में शनिधाम की ओर से बन रहा है मेडिकल कॉलेज

{750 बेड का अस्पताल और 50 बेड का ट्रेामा वार्ड भी हाे रहा है तैयार

बांगड़ अस्पताल से भी 28 किमी दूर

मेडिकलकॉलेज की पहली शर्त यह है कि 10 किमी के भीतर 300 बेड का अस्पताल उसके साथ अटैच हो। बाघावास में अभी हॉस्पिटल शुरू होने में वक्त लग सकता है। सरकार ने रामासिया में मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन इसीलिए ली थी कि उसके साथ बांगड़ अस्पताल को अटैच किया जाए। बाघावास में मेडिकल कॉलेज चलाने पर बांगड़ की उससे दूरी करीब 28 किमी है। जो एमसीआई से मान्यता में परेशानी खड़ी करेगा। और बाघावास में ही हॉस्पिटल शुरू किया जाए तो नए सिरे से बड़े स्तर पर डॉक्टरों की भर्ती, सभी संसाधन जुटाने पड़ेंगे।

बचेंगे 250 करोड़, इसी साल शुरू हो सकता है कॉलेज

सुमेरपुररोड़ पर सरकार ने मेडिकल काॅलेज बनाने के लिए जमीन अधिग्रहित की है। इस पर कम से कम 250 करोड़ रुपए की लागत आएगी। साथ ही इसे पूरी तरह बनकर शुरू होने में तीन से चार साल या अधिक का वक्त भी लग सकता है। ऐसे में यदि सरकार दाती महाराज द्वारा बनाए जा रहे अस्पताल को चलाने की जिम्मेदारी ले लेती है तो इसके बाद सुमेरपुर रोड पर बनने वाले नए मेडिकल काॅलेज के निर्माण की जरूरत नहीं पड़ेगी