पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • श्रवण बंजारा होंगे पाली प्रधान

श्रवण बंजारा होंगे पाली प्रधान

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
पाली। पाली पंचायत समिति के प्रधान पद पर भाजपा के श्रवण बंजारा निर्वाचित घोषित किए गए हैं। उन्होंने कांग्रेस के गोरधन देवासी को 7 मतों से पराजित किया। बंजारा को 10 मत मिले, जबकि देवासी को 3 मत ही हासिल हुए।
चुनाव में भाजपा को 10 तथा कांग्रेस को 5 सीटें मिली थीं, मगर कांग्रेस में आपसी फूट के चलते दो पंचायत समिति सदस्य मतदान करने ही नहीं पहुंचे। प्रधान पद के लिए हुए चुनाव को लेकर सुबह से ही पंचायत समिति के बाहर राजनीतिक गहमागहमी का माहौल रहा।
बंजारा ने चुनाव परिणाम की घोषणा के तत्काल बाद सुमेरपुर विधायक मदन राठौड़ की मौजूदगी में कार्यभार ग्रहण कर लिया। प्रधान पद को लेकर भाजपा ने श्रवण बंजारा तथा कांग्रेस ने गोरधन देवासी को अपना उम्मीदवार घोषित किया था। सुबह से ही संख्या बल के आधार पर भाजपा की जीत सुनिश्चित मानी जा रही थी।
कांग्रेस के सदस्य भाजपा के दो वोट अपने को मिलने की उम्मीद में थे, लेकिन हुआ उल्टा मतदान शुरू होते ही दोपहर 3 बजे भाजपा के सभी 10 सदस्यों ने एक साथ भाजपा महामंत्री संजय ओझा रूपेश दाधीच की अगुवाई में पहुंचकर मतदान किया। इधर, कांग्रेस नेता मतदान समाप्ति के अंतिम वक्त 5 बजे तक अपने दो सदस्यों के आने का इंतजार करते रहे, लेकिन वे अपना वोट डालने के लिए पहुंचे ही नहीं।

पूरे मामले की जानकारी प्रदेशाध्यक्ष को भेजी

पंचायत समिति प्रधान के चुनाव में कांग्रेस के दो सदस्यों के पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी गोरधन देवासी को वोट देने के लिए नहीं पहुंचने को गंभीरता से लेते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट को अवगत कराया है। इसके साथ ही प्रधान पद के उम्मीदवार देवासी ने भी पायलट खाचरियावास को पूरे मामले की जानकारी दी है।

गोपनीय रखी गई प्रक्रिया

आमतौर पर हर चुनाव में मीडिया और दूसरे लोगों को मतदान कक्ष या उसके आसपास तक जाने की इजाजत दी जाती है, लेकिन जिला प्रमुख और प्रधान के चुनाव के दौरान कलेक्टर रोहित गुप्ता ने मीडिया तक को चुनाव के पहले या जीत के बाद दिए जाने वाले प्रशस्ति पत्र और शपथ ग्रहण समारोह के कवरेज की इजाजत नहीं दी।
इसे लेकर जब मीडिया ने असंतोष जताया तो सीईओ को भेजकर समझाइश की गई और जिला परिषद के सीईओ कक्ष तक आने की इजाजत दी गई। इसके बावजूद मीडियाकर्मियों ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया और वाहन पार्किंग स्थल पर बाहर ही खड़े रहे।

सरकारी वाहन के लिए करना पड़ेगा इंतजार : पंचायतीराज चुनाव के मद्देनजर वैसे भी 3 जनवरी से आचार संहिता लगी हुई है। रविवार को उपप्रधान के भी चुनाव होने हैं। यानी, रविवार देर रात के बाद ही आचार संहिता खत्म होगी। ऐसे में जिला प्रमुख और चुने गए सभी प्रधान को सरकारी वाहन के लिए सोमवार तक इंतजार करना पड़ेगा।

प्रधान पद के लिए बहुमत नहीं मिलने के बाद भी प्रधान का टिकट लेने के लिए कांग्रेस नेताओं के समक्ष गणेशराम तथा गोरधन देवासी ने अपना दावा किया था। दोनों के बीच पहले एक होटल में आपसी सहमति बनाने का प्रयास किया गया, मगर नहीं मानने पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजीज दर्द ने जिला प्रभारी प्रतापसिंह खाचरियावास के समक्ष पूरा मामला भेज दिया था।
इसके साथ ही कांग्रेस में फूट पड़ गई थी। खाचरियावास के देवासी के नाम पर सिंबल जारी करने के बाद कांग्रेस की ज्ञानेश्वरी कंवर तथा लीलावती ने एक तरह से बगावत करते हुए देवासी के पक्ष में वोट देने के लिए भी नहीं पहुंच पाई।

अब तक ये जनप्रतिनिधि रहे पाली के प्रधान

1-केशरीसिंह - 1959 से 1960 2 -केशरीसिंह - 1960 से 1962
3 -मोहनलाल जैन- 1962 से 1965 4 -भवानीसिंह- 8-2-65 से 1976
5 -भंवरलाल मेहता- 1-1-82 से 2-7-1997 6 - प्रियवृत्त - 21-7-88 से 11-7-1988
7 - प्रियवृत्त - 11-2-95 से 11-2-2000 8 - प्रियवृत्त - 11-2-2000 से 11-2- 2005
9 - इंदू मीणा - 11-2-2005 से 10-2-2010 10 -शोभा सोलंकी 11-2-2010 से 7-2-2015
11 -श्रवण बंजारा 7-2-2015 से -

पाली जिला प्रमुख प्रधान ने संभाला कार्यभार

जीत के ऐलान के साथ ही नए जिला प्रमुख प्रेमाराम चौधरी भाजपा जिलाध्यक्ष मदन राठौड़ के साथ जिला परिषद में अपने दफ्तर पहुंचे और अपना पदभार संभाल लिया। कार्यभार ग्रहण करने के लिए डेढ़ बजे का वक्त तय था, लेकिन नए प्रमुख 1 बजकर 20 मिनट पर ही अपने दफ्तर गए।
इस वक्त उनके साथ जिला परिषद के सीईओ आशुतोष गुप्ता और दूसरे अधिकारी भी मौजूद थे। जैसे ही घड़ी में डेढ़ बजे चौधरी ने अपनी कुर्सी को प्रणाम किया और पदभार ग्रहण किया। पदभार के बाद सबसे पहले विधायक मदन राठौड़ ने उन्होंने बधाई दी। इसके बाद सीईओ और वहां मौजूद दूसरे अधिकारियों ने भी उनका स्वागत किया।