सुमेरपु़र। काश ऐसा वेलेंटाइन डे जिले का हर शहर, कस्बा और गांव मनाए जैसा सुमेरपुरवासियों ने मनाया। अपनी विरासत से प्रेम का संकल्प लेकर। जी, हां। रविवार को ऐसा ही कुछ हुआ सुमेरपुर में। शहरवासियों ने सुमेरपुर-शिवगंज के एकमात्र तालाब को केवल संवारने का संकल्प लिया बल्कि हर घर से लोग गैंती-फावड़ा और झाड़ू लेकर निकल पड़े श्रमदान करने।
करीब 3 हजार से ज्यादा लोग तालाब पर श्रमदान करने पहुंचे तो महज 4 घंटे में तालाब की सूरत बदलती नजर आई। कुछ दिन पहले तक सीणप तालाब के नाम से ख्यात यह तालाब बीते कई वर्षों से केवल सूख गया है बल्कि कचरा गाह के रूप में तब्दील हो रहा है। उपखंड प्रशासन की पहल पर शहरवासियों ने अब संकल्प लिया है कि जुलाई तक इस तालाब की सफाई कर इसमें बारिश का पानी आने के रास्ते भी खोलेंगे और इसे दोनों कस्बों के पिकनिक स्पाॅट के रूप में विकसित करेंगे। सुमेरपुर में हाउसिंग बोर्ड स्थित सिंहप्रस्थ सरोवर (सीणप तालाब) की सफाई को लेकर सोमवार को एकजुट हुए शहरवासियों के जोश, जज्बे और जुनून से सीणप तालाब निखर उठा।
श्रमदान में हिस्सा लेने के लिए शहरवासी एक साथ घर से निकले और अभियान में अपनी सहभागिता निभाई। अभियान चार घंटे तक चला। सफाई अभियान में सभी ने बिखरी पॉलीथिन तथा पत्थर हटाने के साथ, जमा झाडिय़ों कचरे को हटाया।
अभियान के दौरान हर शख्स में उत्साह में नजर रहा था। शहरवासियों ने करीब चार घंटे श्रमदान किया। तालाब को सरोवर में बदलने के लिए करीब 3 हजार शहरवासियों ने एक साथ मिलकर श्रमदान किया। शहरवासियों भामाशाहों के सहयोग से सरोवर को निखारने के लिए करीब 40 ट्रॉली 5 जेसीबी नि:शुल्क लगवाए गए। जिसको देखकर उपमुख्य सचेतक मदन राठौड़ प्रशासन के उच्चाधिकारियों ने शहरवासियों के जज्बे और जुनून की सराहना की।
शहर के इस तालाब को बड़ा करने के बाद कई पशुओं के हलक भी तर हो सकेंगे। इस मौके पर डीएसपी अमरसिंह चंपावत, पालिकाध्यक्ष जोराराम कुमावत, उपाध्यक्ष रमेश राखेचा, थानाधिकारी सुमेरसिंह राठौड़, उपकोष अधिकारी बाबूलाल सुथार, बीईईओ परबतसिंह राठौड़, तखतसिंह राठौड़, देवीसिंह जाखोड़ा, दीपक भाटी, सुभाष मेवाड़ा, महेश परिहार, चतराराम मेघवाल, लोकेश शर्मा, पंडित प्रहलाद शर्मा, जगदीश मेवाड़ा, श्रवण राठी, नटवर रामीणा, रमेश बोहरा, पोपट जैन सहित कई गणमान्य मौजूद थे।
शहरवासियों की जिद ने दिखाई एकजुटता
सीणप तालाब की सूरत बदलकर सिंहप्रस्थ सरोवर बनाने की शहरवासियों की जिद ने करीब 3 हजार शहवासियों ने एकजुटता दिखते हुए श्रमदान में हिस्सा लिया। शहरवासियों भामाशाहों के सहयोग से करीब 40 ट्रॉली 5 जेसीबी नि:शुल्क लगवाए गए। श्रमदान करने के लिए शहरवासियों में उत्साह नजर आया।
महिलाओं ने गाए मंगल गीत, किया श्रमदान
स्वच्छ भारत अभियान के तहत सिंहप्रस्थ सरोवर में रविवार को श्रमदान करने पहुंची महिलाओं बालिकाओं ने मंगल गीत गाए। साथ ही खुदाई कार्य शुरू करने के पूर्व पूजा-अर्चना भी की।
तीन हजार लोगों ने किया श्रमदान
सिंहप्रस्थ सरोवर (सीणप तालाब) की सूरत बदलने के लिए शहर के करीब 3 हजार पुरुष, महिलाएं, बच्चे, बुजुर्गों युवाओं ने एक साथ मिलकर श्रमदान किया। श्रमदान में कोई व्यक्ति गैंती तो कोई व्यक्ति फावड़े से खुदाई करता नजर आया तो वहीं महिलाएं तगाड़ी में मिट्टी भर कर एक जगह से दूसरी जगह पर डालती नजर आई तो कोई झाडिय़ां काटती हुई दिखी।
भामाशाहों ने दिया 2 लाख 40 हजार रुपए
तालाब को सिंहप्रस्थ सरोवर में तबदील करने के लिए संदीप फाउंडेशन के संस्थापक केसी जैन ने एक लाख रुपए तथा राठौड़ वेलफेयर के तखतसिंह राठौड़ ने 51 हजार रुपए की मौके पर घोषणा की।
विभिन्न संस्थाओं ने की प्रसादी खिचड़ी वितरित
सिंहप्रस्थसरोवर में भारत विकास परिषद, स्वामी नारायण सेवा संस्था, श्री श्याममित्र मंडल, लॉयन्स क्लब द्वारा श्रमदान करने वालों को प्रसादी खिचड़ी का वितरण किया गया। साथ ही लोगों के पेयजल के लिए भी भामाशाहों द्वारा पानी की नि:शुल्क व्यवस्था की गर्ई।
चिकित्सा सुरक्षा के भी थे पुख्ता इंतजाम : रविवारको हाउसिंग बोर्ड स्थित सिंहप्रस्थ सरोवर में श्रमदान को उमड़े शहरवासियों के लिए चिकित्सा विभाग एवं पुलिस ने सुरक्षा के लिए जगह-जगह बंदोबस्त किए थे।
ढोल-नगाड़ों के साथ पहुंचे श्रमदान करने : श्रमदानके 36 कौम के लोग रविवार को सुबह 10 बजे खेड़ादेवी, भैरूचौक, शीलता माता चौक, गजानंद मंदिर, जाखानगर, संजय नगर, आर्यसमाज, उंदरी, होली चौक हाउसिंग बोर्ड से ढोल-धमाकों के साथ जुलूस के रूप में रवाना होकर सुबह साढ़े 11 बजे जालोर चौराहे पहुंचे। जहां से जुलूस के रूप में सिंहप्रस्थ सरोवर तालाब जाकर पूजा-अर्चना के साथ श्रमदान शुरू किया।
एसडीएम भारद्वाज ने की अभियान की शुरुआत
सीणपतालाब काे सिंहप्रस्थ सरोवर बनाने अभियान का शुभारंभ एसडीएम महिपालकुमार भारद्वाज ने किया। एसडीएम भारद्वाज ने स्वयं ने भी काफी देर तक श्रमदान किया। भारद्वाज ने कहा कि हम सबको इस तालाब को ऐसा बनाना है कि यहां आने वाले व्यक्ति खुद इसकी सुंदरता की तारीफ करें।
सीणप तालाब के समीप स्थित मामा धणी मंदिर में यज्ञ-हवन पूजा-अर्चना के साथ श्रमदान शुरू हुआ। हवन में समस्त शहरवासियों ने आहुति देकर सीणप तालाब को सिंहप्रस्थ सरोवर बनाने की कामना की।
उपखंड प्रशासन की पहल पर एक मंच पर आए 36 कौम के लोग, श्रमदान और जनसहयोग से तालाब से कचरा हटाएंगे, इसमें बारिश का पानी आने के रास्ते खोलेंगे, साथ ही चारों तरफ 20 फुट चौड़ा वॉक-वे बनाने, पौधरोपण घास लगाने तथा बच्चों के लिए कई प्रकार के झूले लगाने की योजना है। जनसहयोग से राशि जुटाकर इसका सौंदर्यीकरण करेंगे। नगर पालिका के अलावा सरकारी बजट भी जुटाने का प्रयास करेंगे। एसडीएम महिपाल भारद्वाज ने बताया कि जरूरत पड़ी तो जवाई के पानी से इसको भरने का प्रयास भी जनप्रतिनिधियों के माध्यम से किया जाएगा।