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जवाई बांध से चौथी पाण का पानी बीच में रोका, आक्रोशित किसानों ने डाला पड़ाव

5 वर्ष पहले
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पाली। सुमेरपुर क्षेत्र में जवाई बांध से सिंचाई के लिए छोड़े जा रहे चौथी अंतिम पाण का पानी अचानक रोक देने से आक्रोशित किसानों ने सोमवार को आंदोलन का रुख अख्तियार कर लिया। बड़ी संख्या में किसान सुमेरपुर के एसडीएम ऑफिस पहुंचे तथा जोरदार प्रदर्शन कर इसे अधिकारियों की मनमर्जी करार दिया। किसानों के तीखे तेवर देखकर दिनभर पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी भी बैकफुट पर दिखे।

कई बार समझाइश का दौर चलने के बाद भी किसान अपनी जिद पर अड़े रहे। इस बीच एक किसान अचानक मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया। उसने सिंचाई का पानी नहीं देने पर टॉवर से कूदकर जान देने की धमकी तक दे डाली। इससे अधिकारियों की एकबारगी सांसें फूल गई। काफी मशक्कत के बाद उसे नीचे उतारा गया। इधर, किसानों ने सिंचाई के लिए जवाई नहर नहीं खोलने पर मंगलवार से महापड़ाव का एलान कर दिया है। व्यापारियों ने किसानों के पक्ष में मंडी बंद रखने का निर्णय लिया है। साथ ही ट्रक यूनियन भी किसानों के पक्ष में खुलकर सामने आया है। किसान आंदोलन को देखते हुए कलेक्टर ने कार्यपालक मजिस्ट्रेट तैनात किए हैं।

जवाई कमांड क्षेत्र के किसानों को दिया जा रहा चौथी अंतिम पाण का पानी रविवार से ही धीमा कर दिया था। साेमवार को पानी की आवक पूरी तरह से बंद होने से किसानों में गुस्सा फैल गया। दोपहर में सैकड़ों किसान उपखंड कार्यालय पहुंचे। यहां पर किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष जयेंद्रसिंह गलथनी के नेतृत्व में प्रदर्शन कर विभाग के खिलाफ नारेबाजी करना शुरू कर दिया।
किसानों के अचानक सड़क पर उतरता देखकर एसडीएम महिपाल भारद्वाज ने किसान प्रतिनिधियों से वार्ता की, लेकिन किसान अपने हक का पूरा पानी लेने पर अड़े रहे। करीब चार घंटे में कई वार्ता के दौर-चलने के पश्चात एसडीएम ने उच्चाधिकारियों, जल संसाधन जलदाय विभाग से मार्गदर्शन लेकर पानी देने में असमर्थता जता दी। इसके बाद आक्रोशित किसान उपखंड अधिकारी कार्यालय से तहसील रोड, मंगल कलश चौराहा जवाई बांध रोड होते हुए कृषि उपज मंडी पहुंचे। यहां पर उन्होंने अनिश्चितकालीन धरना देने की घोषणा की।

3 पाण 19-19 दिनों तक, चाैथी पाण 8 दिन बाद ही बंद
जवाईबांध से सिंचाई के लिए किसानों को पानी देने को लेकर पिछली 14 अक्टूबर को जवाई बांध स्थित डाक बंगले में संभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई थी। बैठक में पाली सांसद पीपी चौधरी, जालोर-सिरोही सांसद देवजी पटेल, आहोर विधायक, पाली, जालोर सिरोही कलक्टर के अलावा जल संसाधन जलदाय विभाग के आलाधिकारियों की मौजूदगी में जल वितरण कमेटी ने 19-19 दिन की चार पाण के साथ 3800 एमसीएफटी पानी देने का निर्णय लिया था और उसी के अनुरूप तीन पाण सिंचाई के लिए 19-19 दिन की पाण दी है, लेकिन चौथी पाण में विभाग द्वारा मात्र नहर खोलने के आठ दिन बाद बंद करने के निर्णय का किसानों ने जल वितरण कमेटी के निर्णय का उल्ल्घंन करने का आरोप लगाया।

आज किसानों का महापड़ाव बड़ी संख्या में भीड़ जुटने का दावा
सोमवार को किसान आंदोलन के दौरान किसान नेता जयेंद्रसिंह गलथनी संगम अध्यक्ष नरपत मदेरणा ने मंगलवार को किसानों से अधिकाधिक संख्या में पहुंचकर धरना सफल बनाने की अपील की। समिति अध्यक्ष गलथनी ने बताया कि अगर समय रहते किसानों की इस जायज मांग को पूरा नहीं किया तो मंगलवार से उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेवारी विभाग की होगी।

व्यापारसंघ ने दिया समर्थन
सिंचाई के लिए चौथी पाण के पानी को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे किसानों को व्यापार संघ सुमेरपुर ट्रक ऑपरेटर्स यूनियन ने समर्थन देने की घोषणा की। संघ अध्यक्ष विनोद मेहता कोषाध्यक्ष नारायणलाल कुमावत ने धरनास्थल पहुंचकर समर्थन देने की घोषणा की। वहीं मंगलवार से मंडी अनिश्चितकालीन बंद रखने की घोषणा भी की। इस मौके पर समिति उपाध्यक्ष तेजसिंह रामनगर, प्रवक्ता उमाशंकर मूंदड़ा, संगम अध्यक्ष नरपत मदेरणा, धनसिंह राठौड़, जबरसिंह भोमिया सहित कई किसान नेता, व्यापारी जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

किसानों की मांग
जवाईकमांड क्षेत्र के किसानों प्रशासन के बीच सिंचाई के लिए चार बार में कुल 3800 एमसीएफटी पानी छोड़ने का समझौता हुआ था। तीन पाण का पानी पूरा छोड़ा जा चुका जबकि चौथे पाण का पानी 8 दिन में ही रोक दिया, किसान निर्धारित 19 तक करार के अनुसार पूरा पानी छोड़ने की मांग पर अड़े, किसानों का कहना है कि चौथी पाण का पानी टेल तक पहुंचा ही नहीं। हजारों बीघा में खड़ी फसल सूखने का खतरा।

बैकफुट पर अधिकारी
मामलेको लेकर प्रशासन अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं कर पा रहा। कहा जा रहा है कि 3800 एमसीएफटी पानी छोड़ा जा चुका है। अब बांध में मौजूद पानी पीने के लिए रिजर्व रखा जाना जरूरी है। नहीं तो गर्मियों के दौरान पूरे जिले में पेयजल संकट खड़ा हो सकता है।

प्रशासन अलर्ट, चार मजिस्ट्रेट नियुक्त
किसानों का आक्रोश मंगलवार से अनिश्चित कालीन पड़ाव की चेतावनी को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुमेरपुर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए चार कार्यपालक मजिस्ट्रेट नियुक्त किए हैं।
व्यापारी भी आए समर्थन में, आज से मंडी बंद रखने की घोषणा
आज फिर होगा सुमेरपुर में प्रदर्शन, व्यापारी भी किसानों के पक्ष में आंदोलन में उतरे, आज मंडी बंद रखने का एलान, ट्रक यूनियन ने भी दिया किसान आंदोलन को समर्थन।

किसान को टावर पर देखकर अधिकारियों के हाथ-पैर फूले
महाराजा उम्मेदसिंह कृषि उपज मंडी परिसर में किसानों के आंदोलन के दौरान अपनी मांगों को लेकर धरने में शामिल होने आए आहोर तहसील के बेदाणा गांव निवासी किसान महेंद्रसिंह टावर पर चढ़ गया। उन्होंने किसानों की मांगों को पूरा नहीं होना पर टावर से कूदने की धमकी दी, जिस पर प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए और काफी समझाइश के बाद नीचे उतारा। किसान महेंद्रसिंह ने बताया कि उसने इस बार गेहूं की फसल बोई है और दो दिन बाद उसके खेत में पानी आने वाला था, लेकिन विभाग द्वारा अचानक नहर बंद करने से उसकी फसल चौपट हो जाएगी।

सरकार किसानों की मांग को लेकर गंभीर है। इसीलिए चार पाण में 3800 एमसीएफटी पानी छोड़े जाने का निर्णय किया गया था। मामले में जिन अधिकारियों ने लापरवाही बरती है उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। किसानों के हितों की अनदेखी किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगी -मदन राठौड़, उप मुख्य सचेतक।

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