थाने के बाहर शव रख दिया धरना समझाइश के बाद अंतिम संस्कार
सांडेरावगांव में धमकियों से परेशान होकर आत्महत्या करने वाले प्रदीप मेवाड़ा (19) का शव लेकर बुधवार को ग्रामीण थाने पहुंचे और थाने के बाहर शव रखकर धरना दिया। वे लोग धमकियों को लेकर गत 4 फरवरी को दी गई रिपोर्ट दर्ज नहीं करने के मामले में दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और युवक को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग पर अड़ गए। दो घंटे की समझाइश के बाद मृतक के परिजन मेवाड़ा समाज के लोग शांत हुए। उसके बाद गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया। बुधवार को पुलिस ने इस मामले में आरोपी बनाए गए तीनों लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है, जबकि मृतक के मोबाइल की ऑडियो रिकार्डिंग की भी छानबीन शुरू की है। उल्लेखनीय है कि सांडेराव गांव में प्रदीप मेवाड़ा पुत्र केसाराम ने मंगलवार दोपहर फांसी लगा आत्महत्या कर ली। मृतक के पिता अन्य परिजनों को आरोप है कि गांव की एक लड़की के साथ बात करने से नाराज उसके परिजन लगातार प्रदीप को धमका रहे थे।
इसकी शिकायत लेकर मृतक अपने पिता के साथ 4 फरवरी को सांडेराव थाने में गया था, लेकिन पुलिसकर्मियों ने कार्रवाई करने के बजाय उसे घर भेज दिया। इसके बाद आरोपी पक्ष फिर से प्रदीप को जान से मारने की धमकियां दे रहे थे, जिससे डरे-सहमे युवक ने आत्महत्या कर ली। मृतक के मोबाइल में 20 सैकंड की ऑडियो रिकार्डिंग मिली है, जिसमें मृतक अपनी मौत के लिए तीन लोगों को जिम्मेदार बता रहा है। मंगलवार को पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर पोस्टमार्टम करा शव परिजनों को सौंप दिया था। बुधवार सुबह 11 बजे शवयात्रा लेकर मेवाड़ा समाज के लोग सांडेराव थाने के बाहर पहुंचे। उन्होंने शव को थाने के बाहर रख धरना दे दिया। सुमेरपुर के पूर्व प्रधान हरिशंकर मेवाड़ा, मारवाड़-गोडवाड़ जन कल्याण सेवा समिति अध्यक्ष जयदेवसिंह राणावत, रूद्र प्रतापसिंह, सलोदरिया के पूर्व सरपंच कानाराम माली, महेश मीणा पालडीजोड, नासिर मोहम्मद, अखिल राजस्थान मेवाड़ा क्षत्रिय कलाल युवा महासभा के प्रदेशाध्यक्ष प्रकाश मेवाड़ा समेत मेवाड़ा समाज के लोगों ने आरोप लगाया कि मृतक उसके पिता सहित अन्य लोगों द्बारा 4 फरवरी को पुलिस थाने में दी गई रिपोर्ट पर पुलिस द्बारा यदि कार्रवाई की गई होती तो युवक को आत्महत्या नहीं करनी पड़ती। वे लोग दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और युवक को आत्महत्या के लिए विवश करने के आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग पर अड़ गए। सूचना पाकर सुमेरपुर सीओ अमरसिंह चंपावत सांडेराव थाने पहुंचे और मेवाड़ा समाज के लोगों को आश्वस्त किया कि लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही इस प्रकरण मे नामजद आरोपियों से पुलिस पूछताछ में जुटी है, जिसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद आक्रोशित लोग शांत हुए और बाद में गमगीन माहौल में युवक का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
सांडेराव. थानेके बाहर प्रदीप का शव रखकर प्रदर्शन करते मेवाड़ा समाज के लोग।