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5 दिन खेती का पानी लेकर राजी हुए किसान, अब जलदाय विभाग को अगस्त तक पूरे जिले को पानी पिलाने की चुनौती
भास्कर न्यूज | सुमेरपुर/पाली
जवाईबांध से सिंचाई के लिए चौथी एवं अंतिम पाण का पूरा पानी लेने की मांग पर तीन दिन से सुमेरपुर में चल रहा किसानों का पड़ाव बुधवार शाम प्रशासन के साथ समझौते के बाद समाप्त हो गया। किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष जयेंद्रसिंह गलथनी किसान नेताओं के साथ प्रशासन की छठे दौर की वार्ता में किसानों को 5 दिन के लिए 200 एमसीएफटी पानी और देने पर सहमति हुई। इसके बाद किसानों ने पड़ाव समाप्त कर दिया।
उपमुख्य सचेतक स्थानीय विधायक मदन राठौड़, आहोर विधायक शंकरसिंह राजपुरोहित, कलेक्टर कुमारपाल गौतम , एसपी दीपक भार्गव, एसडीएम महिपाल भारद्वाज सिंचाई एवं जलदाय विभाग के आला अधिकारियों के साथ कृषि अनुसंधान केंद्र के विश्राम गृह में अंतिम निर्णायक दौर की बातचीत हुई। गौरतलब है कि किसानों को जवाई बांध से चार बार में कुल 3800 एमसीएफटी पानी सिंचाई के लिए देने पर समझौता हुआ था। किसानों को तीन बार में 19-19 दिन के लिए पानी दिया गया। चौथी पाण में 8वें दिन ही किसानों का पानी बंद कर दिया गया था। प्रशासन का कहना था कि किसानों को उनके हिस्से का पूरा पानी मिल चुका है जबकि किसानों का कहना था कि उन्हें 3300 एमसीएफटी पानी ही मिला है। चौथी पाण का पानी टेल तक नहीं पहुंचने से हजारों एकड़ जमीन पर खड़ी गेहूं रबी की अन्य फसलें बर्बाद हो जाएंगी। शेष| पेज 15
^जवाई बांध से किसानों को 200 एमसीएफटी पानी देने पर समझौता हुआ है। इससे जुलाई-अगस्त माह में पेयजल की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा। पूरा हिसाब लगाकर ही किसानों को सिंचाई के लिए पानी दिया गया है। -कुमारपालगौतम, कलेक्टर
किसानों को दिया धन्यवाद
समझौतेके बाद उपमुख्य सचेतक क्षेत्रीय विधायक मदन राठौड़ ने किसानों प्रशासन का आभार जताया। राठौड़ ने कहा कि तीन दिन तक किसानों ने शांति धैय बनाए रखा। चूंकि पूरे जिले के लिए पीने के पानी का भी मुद्दा था इसलिए समझौते में थोड़ा वक्त लगा। इस दौरान सरकार से बात कर पूरे जिले के लिए अगस्त तक के पानी का इंतजाम भी किया गया। जिले में पेयजल को लेकर कोई संकट नहीं आने दिया जाएगा।
3 दिन 6 दौर की वार्ता के बाद खुली समझौते की राह
चौथीपाण का पानी 8वें दिन ही प्रशासन ने जलदाय विभाग की आपत्ति के बाद यह कहते हुए रोक दिया था कि किसानों को उनके हिस्से का पूरा पानी मिल चुका है। अब बांध में इतना ही पानी बचा है जिससे जिले की अगस्त तक पीने के पानी की व्यवस्था की जा सके। इससे नाराज किसान 3 दिन से सुमेरपुर में पड़ाव डालकर बैठे थे। प्रशासन पानी देने को तैयार नहीं था जबकि किसान लगभग 400 एमसीएफटी पानी और मांग रहे थे। मंगलवार को गुस्साए किसानों ने जवाई बांध की ओर कूच कर दिया था। इसे देखते हुए कलेक्टर-एसपी भी वहां पहुंच गए। बुधवार को उपमुख्य सचेतक और क्षेत्रीय विधायक भी पहुंचे। आहोर विधायक तीन दिन से लगातार मध्यस्थता कर रहे थे। तीन दिन में प्रशासन के साथ किसानों की 6 दौर की वार्ता में तय हुआ कि किसानों के लिए प्रतिदिन 40 एमसीएफटी पानी के हिसाब से पांच दिन में कुल 200 एमसीएफटी पानी और छोड़ा जाएगा। यह पानी टेल के किसानों तक पहुंचे इसके लिए अधिकारी, किसान जनप्रतिनिधि मिलकर व्यवस्था करेंगे।
सुमेरपुर. नीमके पेड़ पर चढ़कर आत्महत्या की धमकी देते किसान (गोले में) एवं जवाई बांध की ओर कूच करते किसान। फोटो| भास्कर
{किसानों को जवाई से 200 एमसीएफटी पानी 5 दिन के लिए और दिया जाएगा।
{नहर से प्रतिदिन 40 एमसीएफटी पानी छोड़ा जाएगा।
{किसानों को अब केवल गेंहूं की फसलों के लिए ही पानी मिलेगा।
{जिन आउटलेट पर 100 फीसदी रायड़े की बुवाई कर रखी है, उन्हें नहर खोलने से पूर्व ही बंद कर दिया जाएगा।
अब उम्मीद सरकार से : जिलाकलेक्टर कुमारपाल गौतम उपमुख्य सचेतक मदन राठौड़ ने किसान आंदोलन से उपजे हालात जिले में पेयजल की आपूर्ति की जरूरतों को लेकर संभागीय आयुक्त, मुख्य सचिव जलदाय मंत्री को हालात से अवगत करवाया। साथ ही जलदाय विभाग को जरूरतें देखते हुए कंटिंजेंसी प्लान पहले बनाने के निर्देश दिए। सरकार ने भी भरोसा दिलाया है कि जिले का प्लान पहले मंजूर कर लिया जाएगा।
एकउम्मीद भगवान से भी : जलदायविभाग मौजूदा पानी में से जुलाई तक जिले की जरूरत पूरी कर सकता है। उम्मीद की जानी चाहिए कि मानसून सही समय पर अच्छे से आए।
यानी- करीब100 एमसीएफटी का प्रबंध जलदाय विभाग को अतिरिक्त करना होगा, हालांकि जलदाय विभाग के पास अपने भी जलस्रोत हैं। पानी की छीजत, पाइपलाइनों को टूट-फूट से बचाना और सही वितरण व्यवस्था की जाए तो जिले को पेयजल संकट से बचाया जा सकता है।
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एमसीएफटी31 अगस्त तक पीने के पानी की जरूरत
203 दिन
अगस्ततक इतने दिन चाहिए पानी
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एमसीएफटीपानी लगभग प्रतिदिन जिले को पीने के लिए चाहिए
(जरूरत पड़ने पर 150एमसीएफटी डेडस्टोरेज का और)
964 एमसीएफटीपानी पीने के लिए मिलेगा
500 एमसीएफटीइसमें डेड स्टोरेज जो काम नहीं सकता
एमसीएफटी पानी
जवाई में अभी मौजूद है
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