दोस्त के पांच हत्यारों को उम्रकैद
श्रीकरणपुर. पैसोंको लेकर तीन वर्ष पूर्व गजसिंहपुर में अपने ही साथी की हत्या कर शव नहर में डालने के पांच आरोपियों को एडीजे पीएस तोमर की अदालत ने शुक्रवार को दोषी मानते हुए पांच जनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मामले में एक आरोपी की पहले ही जेल में मौत हो गई थी। मामले के अनुसंधान अधिकारियों को पुलिस अधीक्षक ने पुरस्कृत करने की घोषणा की है। मामले के केस अफसर थानाधिकारी ईश्वर प्रसाद ने पुलिस में दर्ज तथा घटना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि गजसिंहपुर के गुरविंद्र सिंह भोलासिंह दोनों भाइयों के साथ उनके दोस्त लखविंद्रसिंह उर्फ लखी का पैसे का लेन देन था। जिसमें लखी ने उनसे पैसे लेने थे। पैसे की मांग करने पर दोनों ने अपने साथियों के साथ मिलकर लखी की हत्या कर शव नहर में डाल दिया था। लखी के घर नहीं पहुंचने पर उसके पिता सोम प्रकाश अरोड़ा निवासी वार्ड नौ ने तीन जनवरी 2011 को पुत्र की गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। वहीं इसी क्रम में सोम प्रकाश ने नौ जनवरी को दूसरा मुकदमा दर्ज करवाते हुए बताया कि उसके पुत्र लखविंद्र सिंह लखी को गुरविंद्र भोला जो कि दोनों थाने के एचएस हैं जिनसे उसका पुत्र पैसे मांगता था ने शराब के ठेके पर बुलाया था। जहां उसके साथ उन्होंने मारपीट कर उसे मार दिया। उसका शव सूरतगढ़ ब्रांच में मिला है और उसके आसपास ही लखी की बाइक भी मिली थी। पुलिस ने मामले की तफ्तीश से पाया कि लखी अपने साथियों गुरविंद्र भोला से पैसे मांगता था। गुरविंद्र, भोला ने अपनी साथियों लाला नायक उर्फ लालसिंह, सोनू धानका, अबोहर निवासी सुखजीत सिंह, पलविंद्र सिंह रामदासिया उर्फ प्रेमी निवासी गजसिंहपुर छहों ने मिलकर लखी को मारकर अपनी जीप में डालकर उसका शव सूरतगढ़ ब्रांच में डाल दिया था।