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- 180 करोड़ से बनेगा मिनी सचिवालय नौ शहरों में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट
180 करोड़ से बनेगा मिनी सचिवालय नौ शहरों में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट
जिलेकेविकास के लिए पांच प्राथमिकताएं तय की गई हैं। इनमें सूरतगढ़ से अनूपगढ़ के लिए 285 करोड़ रुपए से सड़क को चौड़ा करना, जिले में सिंचाई व्यवस्था में सुधार के लिए किसानों के सभी कच्चे खालों को पक्का करना, 8000 हेक्टेयर में सेम समस्या के निदान के लिए कार्य योजना तैयार करना, जिला मुख्यालय पर 180 करोड़ से मिनी सचिवालय का निर्माण, नगरपालिका क्षेत्र में गंदे पानी की निकासी के लिए एसटीपी प्लांट तैयार करना शामिल किया गया है।
जिले के विकास की ये पांच प्राथमिकताएं बुधवार को जिला परिषद सभागार में आयोजित बैठक में जनप्रतिनिधियों अधिकारियों ने आपसी सलाह-सुझाव से तय की हैं। बैठक की अध्यक्षता कर रहे जिले के प्रभारी सचिव एवं स्माल स्केल इंडस्ट्रीज के शासन सचिव राजीव स्वरूप ने कहा कि जिले में चल रहे विकास कार्यों के अलावा मुख्यमंत्री के निर्देश पर पांच बड़े विकास कार्य हाथ में लिए जाने हैं।
बैठक में कलेक्टर आरएस जाखड़ ने बताया कि भामाशाह योजना के तहत 1 लाख 22 हजार 822 परिवाराें में महिला मुखिया का खाता खुलवाया गया है। इनमें से 1544 को कार्ड जारी किए गए हैं। राजस्थान संपर्क समाधान एवं सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के दौरान 32436 समस्याएं प्राप्त हुई थी, जिनमें से 29276 का निष्पादन किया गया है। इस पर राजीव ने कहा कि समस्या या कार्यों को देखते हुए निस्तारण काफी कम हुआ है। • श्रीगंगानगरमें मिनी सचिवालय
nसिंचाईव्यवस्थाओं को सुधारने के लिए कच्चे खालों को पक्का करना
nजिलेभर के नौ शहरों में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट
nसूरतगढ़से अनूपगढ़ सड़क को चौड़ा करना
nसेमसे निपटने के लिए कार्य योजना
यह रहे मौजूद: बैठकमें जिला प्रमुख प्रियंका, रायसिंहनगर विधायक सोनी देवी, बहादरचंद नारंग, प्रहलाद राय टाक, एडीएम प्रशासन वासुदेव मालावत, एडीएम शहर किरोड़ीलाल मीणा, एसडीएम कैलाशचंद शर्मा, सीओ नवनीत कुमार, न्यास सचिव ओपी बुनकर, मुख्य आयोजना अधिकारी इंदीवर दूबे सहित विभिन्न जनप्रतिनिधियों अधिकारियों ने भाग लिया।
श्रीगंगानगर. जिला परिषद सभागार में आयोजित बैठक में निर्देश देते जिले के प्रभारी सचिव राजीव स्वरूप।
विधायक राजेन्द्र भादू ने कहा कि सरकार किसानों को अनेक लाभ दिए जाने की बात करती है। लेकिन जिले में स्थिति यह है कि आजादी के बाद से आज तक किसानों को यह भी पता नहीं है कि वे जिस खेत में वर्षों से काम कर रहे हैं, वह खेत उसके नाम है या नहीं। पूर्व राज्यमंत्री एवं विधायक गुरजंट सिंह बराड़ ने कहा कि खालों के निर्माण के अलावा अन्य विकास कार्यों की ओर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।