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राजियासर में राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा नहीं होने से परेशानी
कस्बेकोउपतहसील का दर्जा मिलने के बाद भी राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा नहीं होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकार ने आमजन के लिए भामाशाह प्रधानमंत्री जन धन योजनाएं शुरू की हैं लेकिन ऑनलाइन शाखा नहीं होने से दिक्कत रही है।
ग्रामीण हेतराम सहारण, पेपसिंह राठौड़, लक्ष्मीनारायण लखोटिया, प्रेमचंद झोरड़ केसराराम गोदारा आदि ने बताया कि कस्बे में प्रतिदिन पांच ग्राम पंचायतों के 25 गांवों के लोगों का उपतहसील में आना जाना है। यही नहीं यह कस्बा नेशनल हाइवे श्रीविजयनगर तथा पल्लू मार्ग से जुड़ा हुआ है। ब्रॉडगेज रेलवे लाइन कस्बे के बीच से होकर गुजर रही है। वहीं कस्बे में पुलिस थाना, आरसीपी कॉलोनियां, रेलवे कॉलोनी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्रथम श्रेणी का पशु चिकित्सालय सहित अन्य महत्वपूर्ण कार्यालय बने हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कस्बे में व्यापारी, कर्मचारी विद्यार्थी वर्ग की आबादी अधिक है। ऐसे में कस्बे में राष्ट्रीय बैंक की शाखा नहीं होने से लेन देन के लिए किसानों, व्यापारियों कर्मचारियों को 30 किलोमीटर दूर सूरतगढ़ जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। वहीं छात्रवृत्ति लेने के लिए विद्यार्थियों को भी खाता खुलवाने की अनिवार्यता के चलते ऑन लाइन खाता खुलवाने के लिए सूरतगढ़ जाना पड़ रहा है।
हर वर्ग को मिलेगा फायदा
^कस्बेआस पास का आबादी क्षेत्र बड़ा है। राष्ट्रीय बैंक की शाखा होना बहुत जरूरी है। बैंक की शाखा खुलने से हर वर्ग के व्यक्ति को फायदा मिलेगा। पेमारामसहारण, पूर्वचेयरमैन गंगमूल डेयरी हनुमानगढ़।