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टीम ने की सीवरेज की पाइपों और धंसी सड़कों की जांच
नगर संवाददाता|श्रीगंगानगर
जोधपुरएमबीएम कॉलेज के प्रोफेसर डॉ एस के सिंह ने सोमवार को शहर के विभिन्न इलाकों में सीवरेज निर्माण की गुणवत्ता का निरीक्षण किया। वहीं रविवार को डॉ एस के सिंह ने एसटीपी की पाइपों के साथ डिजाइन का भी जायजा लिया। दरअसल रयूडीफको डिपार्टमेंट ने एमबीएम कॉलेज को जांच के लिए अधिकृत किया हुआ है। डॉ. एस के सिंह की जांच रिपोर्ट के बाद ही विभाग द्वारा बिल का भुगतान किया जाता है। निरीक्षण के दौरान यूआईटी सचिव ओपी बुनकर,एक्सईएन आरके डूडी, एईएन राकेश सिडाना,जेईएन नीतेश जांगिड़, रयूडीफको विभाग के जेईएन दिलीप मीणा सीवरेज प्रोजेक्ट मैनेजर अनिल मिश्रा मौजूद थे।
इनपाइपों की चौड़ाई की हुई जांच
एसटीपीमहादेव एन्क्लेव की तरफ डाली गई 1200 डाया की पाइप का लेवल देखा गया। इसके बाद ट्रैक्टर मार्केट से शिव चौक तक 500 700 डाया पाइप की जांच हुई। इन जगहों की जांच के बाद डॉ सिंह ने मीरा मार्ग से चहल चौक तक डाली गई 900 डाया की चौड़ाई की पाइप का निरीक्षण किया।
पाइपमें पानी डालकर की फ्लो की भी जांच
सेक्टरन. 6,8 नेहरा नगर मैन रोड,शंकर कॉलोनी अग्रसेन नगर, चहल चौक, जवाहरनगर आदि इलाकों में सीवरेज की पाइपों में पानी डालकर इसके फ्लो की जांच की गई। दरअसल इससे ये मालूम होता है कि सीवरेज की पाइपों में आने वाला गंदे पानी का फ्लो सही तरीके से हो रहा है या नहीं। वहीं पानी के फ्लो की जांच के बाद इनके चेम्बरों के गुणवत्ता के बारे में जांच की गई और इन पर प्रेशर देकर इनकी क्षमताओं को भी परखा गया। उन्होंने बारिश के दौरान धंसी सड़कों की भी जांच की।
एसटीपीके डिजाइन पर जताया एतराज
डॉएस के शर्मा ने एसटीपी डिजाइन पर एतराज उठाते हुए कहा कि वो एसटीपी के प्रोजेक्ट पर हो रहे काम पर सैटिस्फाइड नहीं है। उन्होंने कहा कि शहर की आबादी को देखकर दो ही एसटीपी होने चाहिए थे। जबकि यहां तीन जगहों पर प्रोजेक्ट का निर्माण किया जा रहा है। एक गुरुनानक बस्ती दूसरा सूरतगढ़ बाइपास पर। इन दोनों जगहों के प्लांट को जोड़ने के लिए सीमेंट की पाइप डालकर सूरतगढ़ रोड़ पर घग्घर नदी में छोड़ी जानी चाहिए थी। इससे प्रोजेक्ट जल्दी और कम लागत में इसका निर्माण किया जा सकता था।
श्रीगंगानगर. जोधपुरएमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज से आए डॉ एस के सिंह सीवरेज की जांच करते हुए।