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सामुदायिक भवन के अस्थायी लेबर रूम में होते हैं प्रसव
सूरतगढ़. पंचायत घर की दुकान में संचालित होता उप स्वास्थ्य केंद्र।
भास्कर न्यूज|सूरतगढ़
चिकित्साएवंस्वास्थ्य विभाग की अनदेखी के चलते दो जीएम (गुडली) में उपस्वास्थ्य केंद्र का भवन नहीं होने से प्रसव गांव के सामुदायिक भवन में बने अस्थायी लेबर रूम में करवाने पर मजबूर होना पड़ रहा है। यही नहीं उपस्वास्थ्य केंद्र का संचालन पिछले सात वर्ष से पंचायत घर की एक छोटी सी दुकान में हो रहा है। इससे केवल केंद्र पर आने वाले मरीज आराम से बैठ पाते है और ही मरीज को भर्ती करने के लिए पर्याप्त जगह है। उप स्वास्थ्य केंद्र में पर्याप्त स्टाफ संसाधन नहीं होने से मरीजों को रेफर होना पड़ रहा है।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत दो जीएम में उप स्वास्थ्य केंद्र के भवन निर्माण के लिए वर्ष 2005 में करीब ढाई लाख रुपए का बजट मंजूर हुआ था। भवन निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद ठेकेदार को वर्क ऑर्डर तक दे दिए थे। ठेकेदार ने एन वक्त पर यह कहते हुए कि भवन के निर्माण में लागत अधिक आएगी और काम करने से इनकार कर दिया। यही वजह है कि दो जीएम में उप स्वास्थ्य केंद्र बिना भवन के संचालित होने से इलाके के मरीजों को पर्याप्त चिकित्सा सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है। जबकि उक्त उप स्वास्थ्य केंद्र को विभाग ने मॉडल सब सेंटर स्वीकृत कर रखा है।
येहोती है मरीजों को परेशानी
ग्रामीणोंके मुताबिक केंद्र पर आने वाले गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीज को एएनएम रेफर कर देता है।मरीज को नौ किलोमीटर दूर श्रीविजयनगर 55 किलोमीटर दूर सूरतगढ़ इलाज के लिए जाना पड़ता है। जबकि प्रसव के लिए आने वाली प्रसूता के गंभीर होने पर परिजनों को उक्त कस्बों में बने सरकारी अस्पताल में ले जाने पर मजबूर होना पड़ रहा है। उप स्वास्थ्य केंद्र में वर्तमान में एक जीएनएम कार्यरत है। जबकि एक एएनएम जो डेपुटेशन पर थी, को हटा कर सुखचैनपुरा में नियुक्त कर दिया। ऐसे में एक जीएनएम के भरोसे केंद्र संचालित हो रहा है।
आखिरकब बनेगा भवन
पंचायतसमिति की बैठक में दो जीएम के उप स्वास्थ्य केंद्र का भवन नहीं होने का मुद्दा लंबे समय से जनप्रतिनिधि बार-बार उठाते रहे हैं। पंचायत समिति सदस्य साहब राम पूनिया ने चार दिसबंर को पंचायत समिति की बैठक में भवन का मुद्दा उठाते चिकित्सा विभाग के अधिकारियों से जवाब तलब किया