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यूरिया के लिए उमड़े किसान इंतजार के बाद मिले 5-5 बैग
गांवसात एलसी में बुधवार को 600 कट्टों से भरे यूरिया के ट्रक में से 400 कट्टे बेचने के प्रकरण की जांच के लिए नायब तहसीलदार ओमप्रकाश वर्मा ने गुरुवार को जांच कमेटी का गठन किया।
नायब तहसीलदार वर्मा ने बताया कि गिरदावर भागीरथ कस्वां हल्का पटवारी सविता मीणा को सात एलसी भेजा गया है। जांच दल ने गुरुवार देर शाम को गांव में पहुंचकर किसानों से इस प्रकरण के संबंध में बातचीत की। किसान रामसिंह निर्मल सिंह ने बताया कि छोटे किसानों को यूरिया नहीं मिलने के कारण बिजान किए गेहूं में बढ़ोत्तरी नहीं हो पा रही है। जबकि बड़े किसानों को 100-100 बैग एक साथ मिल रहे है। प्रकरण की जांच करने के लिए गया जांच दल शुक्रवार को नायब तहसीलदार को अपनी रिपोर्ट पेश करेगा।वहीं ग्राम सेवा सहकारी समिति छह बीजीडी, सात एलसी, बुगिया, 10 सरकारी, आठ जीबी, 12एनआरडी तथा डाबला की ग्राम सेवा सहकारी समितियों में एक पखवाड़ा गुजरने के बाद भी यूरिया खाद नहीं पहुंच पाई है। क्रय विक्रय सहकारी समिति के व्यवस्थापक इकबाल सिंह ने बताया कि एक सप्ताह में सभी सहकारी समितियों में यूरिया खाद पहुंचने वाली है।
सूरतगढ़: क्रय-विक्रय सहकारी समिति की दुकान पर यूरिया लेने के लिए लगी किसानों की कतार।
भास्कर न्यूज, सूरतगढ़.
एकपखवाड़े के इंतजार के बाद आई यूरिया खाद के लिए किसान उमड़ पड़े। यही नहीं किसानों को खाद लेने के लिए नई धानमंडी में बनी क्रय-विक्रय सहकारी समिति की दुकान के आगे दो घंटे तक कतार में लगना पड़ा। यानि प्रतीक्षा के बाद भी प्रति किसान को इफको यूरिया खाद के पांच बैग मिले। इलाके के किसान पिछले 15 दिन से यूरिया खाद का इंतजार कर रहे थे।
समिति की दुकान से खाद लेने आए किसान देवीलाल बिश्नोई, सीताराम, लक्ष्मीनारायण सुभाष ने बताया कि गेहूं की बिजाई किए 15 दिन से ज्यादा समय हो गया। इंदिरा गांधी नहर, अनूपगढ़ शाखा भाखड़ा नहर में पानी चल रहा है। गेहूं में प्रथम पानी की सिंचाई के समय यूरिया की जरूरत होती है। लेकिन दस-15 दिन से खाद के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। किसानों का कहना था कि जानकारी मिलने पर वे श्रीविजयनगर तो कभी पीलीबंगा और कभी सूरतगढ़ समिति डीलरों की दुकानों पर यूरिया खाद लेने आते हैं। खाद नहीं मिलने पर वे खाली ट्रैक्टर ट्राली लेकर वापस गांव लौट जाते हैं। इससे केवल उनका समय, बल्कि धन भी खर्च होता हैं। किसानों का कहना