प्रशिक्षु आरएएस का आकलन: गांवों में पीने का साफ पानी बड़ी समस्या
राज्य सरकार ने 21 प्रशिक्षु आरएएस को पांच दिन के दौरे पर पिछले सप्ताह श्रीगंगानगर भेजा था। इनमें 7 प्रशिक्षु आरएएस को हिंदुमलकोट, 7 को प्रभातनगर यानी सूरतगढ़ थर्मल तथा 7 प्रशिक्षु आरएएस को बुड्ढाजोहड़ भेजा गया था। इन प्रशिक्षु ने 1 से 5 फरवरी तक इन क्षेत्रों में रहकर गांवों की मुख्य समस्याओं तथा सरकार की योजनाओं के तहत चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया था। इन 5 दिन में ये प्रशिक्षु अधिकारी बहुत से लोगों से भी मिले। प्रशिक्षु अधिकारियों ने भास्कर को बताया कि 5 दिन में जिस भी गांव ढाणी में जाकर महिलाओं पुरुषों से मिले, सबकी समस्या पेयजल ही थी। कई ढाणी तो ऐसी थी, जहां पानी ही नहीं पहुंचता। वहां महिलाओं को गांवों में जाकर पानी लाना पड़ता है। वाटरवर्क्स की डिग्गियां देखी तो उनमें बहुत ज्यादा गंदगी थी। दूसरी समस्या गरीब लोगों के साथ है। गांवों में मजदूर वर्ग के लोग ज्यादा हैं। सब बीपीएल में शामिल होना चाहते हैं, लेकिन किसी को भी यह नहीं पता कि बीपीएल में शामिल होने की प्रक्रिया क्या है। कई लोगों का कहना था कि उन्होंने कई साल पहले बीपीएल कार्ड के लिए आवेदन किया था, लेकिन आज तक उस आवेदन का पता नहीं लगा। एसडीएम कार्यालय में गए, लेकिन काेई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
श्रीगंगानगर-सूरतगढ़ में ज्यादा हैं समस्याएं
^प्रशिक्षुआरएएस ने पाया कि रायसिंहनगर के गांवों में समस्याएं अपेक्षाकृत कम हैं। वहां के लोग एसडीएम अन्य अधिकारियों के कामकाज से संतुष्ट भी हैं, लेकिन श्रीगंगानगर सूरतगढ़ में समस्याएं ज्यादा हैं। यहां के लोग अफसरों के व्यवहार से भी खुश नहीं हैं।