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बुखार से एक और मौत

7 वर्ष पहले
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अलवर/लक्ष्मणगढ़/कोटकासिम . कोटकासिम के बाद लक्ष्मणगढ़ के गंडूरा गांव में रविवार को बुखार से एक युवक की मौत हो गई। दो दिन में बुखार से तीन मौतों और कोटकासिम में ही डेंगू के तीन मरीज मिलने की खबर ने चिकित्सा विभाग को हरकत में ला दिया है। कोटकासिम में जांच के लिए सात टीमें गठित की गई हैं। गंडूरा में भी सोमवार को दल पहुंचेगा।

गंडूरा गांव निवासी धर्मसिंह (28) पुत्र बने सिंह राजपूत दो दिन से बुखार से पीड़ित था। गंडूरा में इलाज कराने के बाद तबीयत बिगड़ने पर उसे अलवर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां रविवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि उसकी मौत टाइफाइड और डेंगू से हुई है। इससे पहले शनिवार को कोटकासिम में दो लोगों की मौत बुखार से हुई थी।
चिकित्सा टीम ने की जांच-पड़ताल

जिला महामारी विशेषज्ञ डॉ. जालम सिंह राठौड़ एवं डिप्टी सीएमएचओ डॉ. छबील कुमार ने कोटकासिम सीएचसी तथा बीबीरानी, पुर एवं जोडिय़ा पीएचसी सहित आसपास के गांवों में पहुंचकर नर्सिंग कर्मियों से बीमारियों एवं रोगियों की जानकारी ली।
सात मेडिकल टीमें गठित कर गांवों में भेजी गई, जो रोगियों का सर्वे कर ब्लड स्लाइड तैयार करेंगी। रोगियों को हाथों-हाथ दवा दी जाएगी। रविवार को डेंगू पॉजीटिव तीन मरीजों के परिजनों तथा बुखार से मरने वाले दो जनों के परिजनों के 29 ब्लड सैंपल लिए गए। अन्य स्थानों से बुखार से पीड़ित मरीजों के भी 42 ब्लड सैंपल लिए गए हैं।

गंडूरा में ब्लड सैंपल लेने की व्यवस्था नहीं

गंडूरागांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में ब्लड सैंपल और स्लाइड जांच की व्यवस्था भी नहीं है। इसकी पुष्टि बीसीएमओ डॉ. गजराज सिंह ने की है। डॉक्टर और नर्सिंगकर्मी का पद रिक्त पड़े हैं। एकमात्र एमपीडब्ल्यू ही रोगियों को दवाएं दे रहा है। करीब 25 गांवों के लोग इस पीएचसी पर निर्भर है।

सीएमएचओ को नहीं दी सूचना

गंडूरागांव में युवक की मौत के बाद भी ब्लॉक स्तर पर चिकित्सा दल हरकत में नहीं आए हैं और ही गांव में रोगियों की इलाज के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जबकि गांव में बुखार के रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बीसीएमओ की ओर से युवक की मौत की सूचना तक जिला मुख्यालय को नहीं दी गई है।

रोगियों की संख्या बढ़ी

टपूकड़ा. क्षेत्र में बुखार के रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। गांवों में लोग बुखार, खांसी, जुकाम से अधिक पीड़ित हैं। गांवों में मरीजों की जांच एवं चिकित्सा सुविधा नहीं होने से ग्रामीणों में रोष हैं। क्षेत्र के गांव थड़ा, सीथल, ततारपुर, जगमलहेड़ी में बुखार फैला हुआ है।
ग्रामीणों ने प्रशासन पर सूचना के बाद भी गांवों में मेडिकल कैंप नहीं लगाने का आरोप लगाया है। टपूकड़ा सीएचसी में रोजाना करीब पांच सौ मौसमी बीमारियों के रोगी पहुंच रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से गांवों में मरीजों की जांच के लिए कैंप लगाने की मांग की है।

एंटी लार्वा कार्य ठप, मच्छर बढ़े

जिला महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ. राठौड़ ने बताया कि क्षेत्र में एंटी लार्वा का कार्य ठप है। यहां लार्वा नियंत्रण को लेकर कोई कार्य नहीं हो रहा है, जिससे मच्छर पैदा हो रहे हैं।
बीसीएमओकी ओर से गंडूरा में युवक की बुखार से मौत की सूचना प्राप्त नहीं हुई है। इस मामले को गंभीरता से लिया जाएगा। गंडूरा में सोमवार को स्वयं जाकर चिकित्सा दल भेजकर उपचार के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। - डॉ.आर के मीणा, सीएमएचओ, अलवर