बुखार की तपिश ने ली एक और जान
जिलामहामारी विशेषज्ञ डॉ. जालम सिंह राठौड़ एवं डिप्टी सीएमएचओ डॉ. छबील कुमार ने कोटकासिम सीएचसी तथा बीबीरानी, पुर एवं जोडिय़ा पीएचसी सहित आसपास के गांवों में पहुंचकर नर्सिंग कर्मियों से बीमारियों एवं रोगियों की जानकारी ली। सात मेडिकल टीमें गठित कर गांवों में भेजी गई, जो रोगियों का सर्वे कर ब्लड स्लाइड तैयार करेंगी। रोगियों को हाथों-हाथ दवा दी जाएगी। रविवार को डेंगू पॉजीटिव तीन मरीजों के परिजनों तथा बुखार से मरने वाले दो जनों के परिजनों के 29 ब्लड सैंपल लिए गए। अन्य स्थानों से बुखार से पीड़ित मरीजों के भी 42 ब्लड सैंपल लिए गए हैं।
गंडूरा में सैंपल लेने की व्यवस्था नहीं
गंडूरागांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में ब्लड सैंपल और स्लाइड जांच की व्यवस्था भी नहीं है। इसकी पुष्टि बीसीएमओ डॉ. गजराज सिंह ने की है। डॉक्टर और नर्सिंगकर्मी का पद रिक्त पड़े हैं। एकमात्र एमपीडब्ल्यू ही रोगियों को दवाएं दे रहा है। करीब 25 गांवों के लोग इस पीएचसी पर निर्भर है।
एंटी लार्वा कार्य ठप, मच्छर बढ़े
जिलामहामारी रोग विशेषज्ञ डॉ. राठौड़ ने बताया कि क्षेत्र में एंटी लार्वा का कार्य ठप है। यहां लार्वा नियंत्रण को लेकर कोई कार्य नहीं हो रहा है, जिससे मच्छर पैदा हो रहे हैं। लार्वा नियंत्रण के लिए प्रभावी कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। मौसमी बीमारियों को लेकर लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि गांवों में घरों में रखे टायर, टंकी तथा कूलरों में भरा पानी लार्वा पनप रहा है। सर्वे के दौरान घरों में पहुंचकर इनकी सफाई कर धूप में सुखाने के बाद उपयोग करने के निर्देश दिए। जरूरत होने पर पानी में एमएलओ डलवाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही चिकित्सा कर्मियों को विशेष एहतियात बरतने कोई भी संदिग्ध रोगी मिलते ही तुरंत सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।
^बीसीएमओ की ओर से गंडूरा में युवक की बुखार से मौत की सूचना प्राप्त नहीं हुई है। इस मामले को गंभीरता से लिया जाएगा। गंडूरा में सोमवार को स्वयं जाकर चिकित्सा दल भेजकर उपचार के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। डॉ.आरके मीणा, सीएमएचओअलवर
^कोटकासिमसीएचसी एवं बीबीरानी, पुर एवं जोडिय़ा पीएचसी का निरीक्षण किया। फिलहाल स्थिति सामान्य है। रोगियों की चिकित्सा एवं ब्लड सैंपल लेने का कार्य जारी रहेगा। चिकित्सकों की शीघ्र व्यवस्थ