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खास धर्म या पूजा पद्धति से स्कूलों को जोड़ना संकीर्ण मानसिकता

6 वर्ष पहले
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अलवर। जमियत उलेमा-ए-हिंद राजस्थान के पदाधिकारियों की रविवार को रोड नंबर दो स्थित मेव बोर्डिंग परिसर में बैठक हुई। बैठक में संगठन के प्रदेश महासचिव अब्दुल वाहिद खत्री ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में सभी धर्मों के बच्चे शिक्षा प्राप्त करते हैं जबकि सरकार की ओर से सूर्य नमस्कार एवं सरस्वती वंदना की पद्धति स्कूलों में संचालित करना भारत के सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की अवमानना है।
उन्होंने कहा कि स्कूलों में होने वाली प्रार्थना सभाओं का बहिष्कार सुनिश्चित करें। वक्ताओं ने 20 अक्टूबर 2014 को टपूकड़ा में पुलिसकर्मियों पर एक मुस्लिम छात्र की हत्या करने का आरोप लगाते हुए सरकार से छात्र के हत्यारों, एसपी विकास कुमार की संदिग्ध भूमिका की सीबीआई से जांच कराने सहित तत्कालीन थाना प्रभारी टपूकड़ा को गिरफ्तार किए जाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि भारतीय न्याय व्यवस्था की अवमानना संविधान द्वारा प्रदत्त मूल अधिकारों का हनन देशहित में नहीं है। सरकारी विद्यालयों में किसी खास धर्म या पूजा पद्धति को जोड़ना संकीर्ण मानसिकता एवं धार्मिक असहिष्णुता का परिचायक है।