9 दिन से 15 साल का सौरभ भी नहीं मिला
स्कूल गई लक्ष्मी सवा माह बाद भी नहीं लौटी
तीन दिन से घर नहीं लौटा 12 साल का जितेंद्र प्रताप
काश! इन्हेंभी ढूंढ लाए पुलिस
दो माह से लापता थी बालिका, हाईकोर्ट ने फटकार लगाई तो 4 दिन में बरामद
36 दिन तक चला धरना
ऐसे चला घटनाक्रम
घूमने के लिए घर से ले गए थे 60 हजार रुपए
बालिका बोली-मर्जी से गई थी युवक के साथ
थानाक्षेत्र गांव खापरिया से दो माह पहले दलित नाबालिग बालिका के अपहरण के मामले का खुलासा हो गया है। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद कोर्ट में पेश करने से एक दिन पहले पुलिस ने सोमवार देर रात्रि बावल बस स्टैंड से बालिका को बरामद कर लिया। मंगलवार को बालिका एसीजेएम कोर्ट प्रथम में पेश की गई। बालिका ने परिजनों के साथ रहने से मना किया। इसके चलते उसे अलवर में बाल कल्याण समिति में रखने के आदेश दिए। बालिका राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ में बुधवार को पेश की जाएगी।
गृह सचिव सहित डीजीपी को बालिका बरामद कर कोर्ट में पेश करने के नोटिस हाईकोर्ट ने जारी किए थे। जांच अधिकारी किशनगढ़बास डीएसपी त्रिलोकीनाथ ने बताया कि खापरिया गांव निवासी नाबालिग बालिका का गांव के ही दो युवकों द्वारा अपहरण करने का मामला दो माह पहले बहरोड़ थाने में दर्ज हुआ था। तभी से पुलिस बालिका आरोपियों की तलाश में लगी थी। सोमवार की रात बालिका की बावल बस स्टैंड पर लोकेशन मिलने पर दबिश दी गई। इस दौरान बालिका बरामद कर ली गई। पुलिस ने हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, सिक्किम, गुजरात में दबिश दी। बालिका की तलाश में पुलिस ने लगभग दस हजार किलोमीटर की दूरी का सफर किया है। बालिका को बयान के लिए करीब शाम 4:10 बजे एसीजेएम कार्ट संख्या एक न्यायाधीश के समक्ष पेश किया गया। जहां परिजनों रिश्तेदार का भी संख्या में कोर्ट परिसर में जमा रहे। पुलिस ने बताया कि समाज के लोगों ने बालिका तलाशने में पुलिस का सहयोग किया।
^जितेंद्र और लक्ष्मी की तलाश के लिए थाना स्तर पर पुलिस टीमों का गठन कर दिया गया है। कई संदिग्ध लोगों से भी पूछताछ की गई है। कोशिश है जल्द बच्चे मिल जाएं। -मनोजकुमार, एडिशनल एसपी, भिवाड़ी
ओवरब्रिज भी ऐसे ही शुरू हुआ था
>अलवरशहर में अग्रसेन ओवरब्रिज को शुरू करने की मांग लगातार की जाती रही। एक बार कांग्रेसियों ने शुरू किया तो प्रशासन ने बंद करवा दिया आखिर एडवोकेट राजश्री अग्रवाल ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई तो बिना उद्घाटन के शुरू कर दिया गया। यदि इसे ऐसे शुरू किया जा सकता था तो काफी समय तक लोगों को परेशान क्यों किया गया।
> क्यापुलिस और प्रशासन हाईकोर्ट से ही मानता है,क्योंकि बहरोड़ में जिस बालिका को कोर्ट के आदेश से बरामद कर लिया वह दो माह से लापता थी। कोर्ट में 10 फरवरी को पेश करनी थी 8 को बरामद हो गई।
बहरोड़. एसीजेएम कोर्ट प्रथम में नाबालिग (नकाब में) को ले जाती पुलिस।