ओडीएफ की सफलता के बारे में जाना
विश्वबैंक के प्रतिनिधियों ने बुधवार को प्रदेश की पहली ओडीएफ ब्लॉक तारानगर का भ्रमण कर फीडबैंक लिया तथा गांवों में जाकर ग्रामीणों ने ओडीएफ की सफलता की कहानी जानी।
वर्ल्ड बैंक के प्रोग्राम ऑफिसर ह्यूप वर्हागन, एशिया कॉर्डिनेटर आल्मूड वाइट्ज, संभाग कॉर्डिनेटर प्रियंका शर्मा ने सीईओ विवेक अरोड़ा के साथ ग्रामीण क्षेत्र का भ्रमण किया। इस दौरान वर्ल्ड बैंक के प्रतिनिधियों ने गांवों में साफ-सफाई, शोचालय निर्माण सहित ग्रामीण परिवेश की अन्य जानकारी ली तथा ग्रामीणों की व्यवस्थाएं देखकर खुशी व्यक्त की। प्रतिनिधिमंडल ने गांव कालवास में सरपंच रामकुमार बेनीवाल तथा अनुसूचित जाति मोहल्लों में महिला-पुरुषों से बातचित करते हुए गांव को खुले शोच से मुक्त करने की प्रेरणा के बारे में पूछा। ग्रामीणों ने बताया कि बढ़ती घर की महिलाओं की मान-मर्यादा, साफ-सफाई के महत्व जिला प्रशासन की ओर से मिली प्रेरणा के बाद ओडीएफ का संकल्प लिया। केवल एक गांव को बल्कि पूरे क्षेत्र को साफ-सुथरा ओडीएफ बनाने में सफलता भी मिली। प्रतिनिधिमंडल ने भ्रमण के दौरान निजी शोचालयों का भी निरीक्षण किया और स्थित को संतोषजनक बताया। इस मौके पर एनबीए के जिला समन्वयक श्यामलाल शर्मा, बीडीओ रोमा सहारण, सरला जांगिड़ भी साथ थे। इससे पूर्व प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर एचएस मीना से मिलकर \\\'चोखो चूरू अभियान पर चर्चा की। कलेक्टर ने बताया कि अक्टूबर माह तक सरदारशहर ब्लॉक तथा मार्च 2015 तक पूरे जिले को ओडीएफ किया जाना प्रस्तावित है।
चूरू. चोखोचूरू अभियान पर चर्चा करते वर्ल्ड बैंक के प्रतिनिधि अधिकारी।