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- ╥\"महापंचायत में 2 सदस्य पांच दिन का राशन साथ लाएं\'
╥\"महापंचायत में 2 सदस्य पांच दिन का राशन साथ लाएं\'
आरक्षणकी मांग को लेकर 28 सितंबर को गांव कटारा अजीज में होने वाली गुर्जर महापंचायत इस बार निर्णायक होगी। आरक्षण का हक लेकर ही उठूंगा। समाज अब राज्य सरकार के किसी भी बहकावे में नहीं आएगा, छल बहुत हो गया, अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे। हक के लिए संघर्ष जरूर होगा। इस महापंचायत में प्रत्येक घर से 2 सदस्य और साथ में 5 दिन का राशन लेकर आएंगे। यह बात गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश संयोजक कर्नल किरोड़ीसिंह बैसला ने गुरुवार कैलादेवी से दर्शन कर लौटने के दौरान स्थानीय भास्कर कार्यालय में पहुंचकर विशेष वार्ता में कही।
बैसला ने कहा कि 28 सितंबर से पहले सरकार आरक्षण का मसला हल कर दे, नहीं तो आंदोलन तो हर हाल में होगा। कैलादेवी में अपार आस्था के साथ विश्वास जताते हुए आरक्षण का हल निकलने का भरोसा भी जताया। उन्होंने राजनीति पर इंग्लैड के विक्टोरिया शासनकाल का जिक्र करते हुए अब की तेरी बारी…कहकर चुटकी ली। आरक्षण के सवाल पर बोले कि यह महापंचायत निर्णायक होगी, पुराने आंदोलन इतिहास की पुनरावृत्ति होगी। अंत में स्पष्ट करते हुए कहा कि इस बार बिना हक के खड़ा नहीं होऊंगा। बैसला ने सांसद, विधायक जनप्रतिनिधियों के अलावा भाजपा नेताओं को भी हिदायती लहजे में कहा कि आरक्षण हाथ में लेकर आएं तो महापंचायत में स्वागत है, वरना नहीं आए। ऐसे किसी भी व्यक्ति को भी एंट्री नहीं मिलेगी। इस दौरान हरप्रसाद तंवर ने कहा कि नेताओं की भाषणबाजी कतई स्वीकार नहीं होगी।
राज्य सरकार के मंत्री गुलाबचंद कटारिया के गुर्जर आरक्षण के मुद्दे पर एक अक्टूबर को न्यायालय में पेशी पर अच्छा वकील कर सरकार की ओर से प्रबलता से पक्ष रखने की बात कहे जाने के सवाल पर गुर्जर नेता बैसला ने कहा कि जब-जब आंदोलन की सुगबुगाहट होती है, तब ही राज्य सरकार संवेदनशील सक्रिय होती हैω। प्रवक्ता हिम्मत सिंह गुर्जर ने कहा कि यह सब गुर्जर को गुमराह करने के लिए किया जा रहा है। समाज अब सबकुछ समझ चुका है, 28 से पहले आरक्षण का हक नहीं दिया तो संघर्ष तो होगा ही।
महापंचायत में पांच दिन का राशन साथ में लाने के आह्वान से यह स्पष्ट होता है कि आंदोलन की आग निश्चित रूप से सुलगेगी, इस पर प्रवक्ता ने कहा कि हक के लिए संघर्ष ही हथियार है। आंदोलन तो होगा और पांच दिन के बाद जैसे पूर्व में आंदोलन महीने भर से ज्यादा चला, वैसे ही इस बार चलेगा। मह