कैसे चलें ऐसी सड़कों पर
गुढ़ाचंद्रजी-टोडाभीमसड़क के तिमावा गांव में सड़क के दोनों ओर पानी निकासी नहीं होने से बरसात का पानी सड़क पर भरा रहता है जिससे सड़क मार्ग में गहरे गड्ढे बन गए हैं। सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा सड़क मार्ग के बीचो-बीच गिट्टियों के ढेर लगाने से लोगों का निकलना मुश्किल हो रहा है। गहरे गड्ढों में पानी भरा रहने से लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है वहीं सड़क में हुए गहरे गड्ढों से जान जोखिम में डाल कर सैकड़ों लोग सफर करने को मजबूर हैं।
ग्रामीण समय सिंह तिमावा, काडूराम मीणा, राजेन्द्र तिमावा, बाबू लाल अध्यापक ने बताया कि गुढ़ाचंद्रजी-टोडाभीम सड़क मार्ग में तिमावा गांव में बिजली ग्रिड से लेकर गांव के हनुमान जी मंदिर तक सड़क मार्ग के दोनों ओर पानी निकासी नहीं होने से सड़क पर बरसात का पानी भरा रहता है। सड़क मार्ग पर बरसात का पानी भरा रहने से एक किलोमीटर तक सड़क मार्ग का नामोनिशान ही मिट गया है। सड़क उधड़ जाने से मार्ग में दो से चार फिट तक गहरे गड्ढे हो गए है। सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा सड़क मार्ग के गड्ढों के लिए सड़क मार्ग के बीचों-बीच गिट्टियों के ढेर लगाने से लोगों का निकलना मुश्किल हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि विभाग ने गिट्टियों को फैलाया नहीं है जिससे लोगों को कीचड़ युक्त पानी में होकर निकलना पड़ रहा है। सड़क मार्ग में हुए गहरे गड्ढों में भारी वाहनों के फंसने से आए दिन रास्ता अवरूद्ध होता रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि मोरड़ा, टोडाभीम, पदमपुरा, धवान, धौलेटा, मोरड़ा, नांगल, लपावली तथा हिंडौन सिटी से प्रतिदिन दर्जनों वाहनों से सैकड़ों लोग जान हथेली पर रख कर सफर करते है तथा तिमावा में गड्ढों के कारण वाहनों के पलटने का भय बना रहता है।
सड़क पर हुए गहरे गड्ढों में गिर कर दर्जनों दोपहिया वाहन चालक दुर्घटना का शिकार बनकर चोटिल हो चुके है। ग्रामीणों द्वारा सार्वजनिक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता से लेकर मुख्य अभियंता तक सड़क मार्ग को दुरुस्त कराने की मांग कई बार की जा चुकी है लेकिन विभाग लोगों की मांग पर ध्यान नहीं दे रहा है जिससे लोगों को जोखिम भरे रास्ते में जान पर रिस्क लेकर सफर करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन भेज कर सड़क मार्ग के गड्ढों में मिट्टी डलवा कर सड़क मार्ग को दुरूस्त कराए जाने की मांग की है।
अितक्रमणबाधक
सार्वजनिकनिर्माण विभाग के सहायक अ