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107 स्कूलों को एकीकरण से मुक्त रखने की सिफारिश
127 स्कूलों की आई आपत्तियां
जिलेभरमें एकीकृत किए गए स्कूलों की आपत्तियों पर शिक्षा विभाग द्वारा जांच पूरी कर ली गई है। जांच के दौरान जिले भर में 107 स्कूलों को एकीकरण से मुक्त रखने की सिफािरश की गई है। जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी है। कलेक्टर 15 सितंबर को इस जांच रिपोर्ट को यहां भेजेंगे। इसके बाद यह निर्णय लिया जाएगा कि इनमें से कितने स्कूलों को एकीकरण से मुक्त रखा जाता है या फिर मर्ज किया जाएगा।
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने स्कूलों में छात्र संख्या कम होने के कारण समीपवर्ती बड़े स्कूलों में छोटे स्कूलों को मर्ज करने के 14 अगस्त को आदेश जारी किए गए थे। जिसके तहत करौली जिले में 562 छोटे सरकारी स्कूलों को 362 बड़े विद्यालयों में मर्ज किए जाने के आदेश जारी किए गए।
राज्य सरकार के आदेश आते ही सरकारी स्कूलों के अध्यापकों के अध्यापकों ग्रामीणों ने हड़कंप मच गया। जो स्कूल बड़े स्कूलों में मर्ज किए गए वहां के ग्रामीण अपने-अपने स्कूलों को यथावत रखने के लिए धरना प्रदर्शन करने पर उतारू हो गए। वहीं शिक्षक संगठनों ने भी राज्य सरकार की इस कार्यवाही का पुरजोर विरोध किया। विरोध के स्वरों को देखते हुए सरकार नरम पड़ी और सरकार ने जिला कलेक्टरों को पत्र लिखकर लोगों की दावे आपत्तियों को लेने उनके निस्तारण के लिए स्कूलों की जांच कराने के लिए निर्देश दिए गए। इसके तहत जिले के जिला शिक्षा अधिकारी ने पांचों ब्लॉकों के ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को जांच करने के निर्देश दिए गए।
ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों ने 9 सितंबर तक जिला शिक्षा अधिकारी को रिपोर्ट सौंप दी। जिला शिक्षा अधिकारी भक्तिलाल मीणा ने 12 सितंबर को अपनी रिपोर्ट कलेक्टर को दे दी। कुछ स्कूलों के मामलों को लेकर कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को पुन: जांच करने के आदेश दिए गए हैं। कलेक्टर 15 सितंबर को राज्य सरकार को इस रिपोर्ट से अवगत कराएंगे।