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चिकित्सा विभाग ने माना पाॅजिटिव

6 वर्ष पहले
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स्वाइन फ्लू के प्रति डॉक्टर लापरवाह

कार्यालय संवाददाता | हिंडौन सिटी

स्वाइनफ्लू की रोकथाम के लिए उपखंड क्षेत्र में चल रहे कार्यों की बुधवार को पोल खुल गई। चिकित्सा विभाग भरतपुर के संयुक्त निदेशक डॉॅ. प्रशांत कुमार ने स्वाइन फ्लू की राेकथाम के कार्यों के संबंध में राजकीय अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान स्वाइन फ्लू के संबंध में किए जा रहे डोर-टु-डोर सर्वे का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला और ही अस्पताल में आने वाले संभावित स्वाइन फ्लू मरीजों का काेई संधारन मिल पाया। इस पर संयुक्त निदेशक ने फटकार लगाते हुए कहा कि राजकीय अस्पताल के डॉक्टर स्वाइन फ्लू के प्रति कतई गंभीर नहीं है। स्वाइन फ्लू के रोकथाम के सभी कार्य हवा में चल रहे हैं। इस संबंध में अस्पताल के पीएमओ डॉ. नमोनारायण मीना को व्यवस्थाओं में सुधार के आवश्यक निर्देश दिए गए। गौरतलब है कि एक दिन पहले मंगलवार को कलेक्टर डॉ. बीएल जाटावत ने भी अस्पताल का निरीक्षण किया था। उन्होंने निरीक्षण में स्वाइन फ्लू के रोकथाम के उपायों से मरीजों की परेशानी को दरकिनार किया था।

संयुक्त निदेशक डॉ. प्रशांत कुमार ने राजकीय अस्पताल के स्वाइन फ्लू वार्ड और स्क्रेनिंग कक्ष का निरीक्षण किया। उन्हें स्क्रेनिंग कक्ष में संभावित स्वाइन फ्लू मरीजों के आने से संबंधित कोई रिकॉर्ड संधारण नहीं मिला। यहां तक कि इसके लिए अभी तक राजकीय अस्पताल के स्क्रेनिंग वार्ड में रजिस्टर भी नहीं बनाया गया। जब संयुक्त निदेशक ने पीएमओ डॉ. नमोनारायण मीना से सवाल किया कि हिंडौन के कितने वार्डों में डोर-टू-डोर सर्वे कराया गया है, उसकी रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए तो वे डोर-टू-डोर सर्वे की रिपोर्ट उपलब्ध नहीं करा पाए। इसके अलावा डोर-टू-डोर सर्वे के वार्ड संख्या एक में 70 मरीजों को उपचार करने का उल्लेख तो मिला, लेकिन इस वार्ड में कितनी टीमों ने कितने दिन तक सर्वे किया, इसकी कोई जानकारी नहीं मिल पाई। संयुक्त निदेशक ने फटकार लगाते हुए कहा कि अस्पताल में सब कुछ हवा में चल रहा है। पीएमओ डॉ. मीना ने जानकारी दी कि हिंडौन में अभी तक दो स्वाइन फ्लू पॉजिटिव मरीज मिले हैं और संभावित 9 मरीजों को दवाईयां दी गई हैं। संयुक्त निदेशक डॉ. प्रशांत कुमार ने पीएमओ को स्पष्ट कहा कि वीडियो कांफ्रेंस में जो निर्देश दिए गए थे, उनकी हिंडौन में पालना नहीं हो रही है और सुपरविजन सही नहीं है। इस दौरान अस्पताल के डॉ. डीसी कोली, कैलाश शर्मा, उपेन्द्र गुप्ता आदि मौजूद थे।

संयुक्त निदेशक प्रशांत कुमार ने निरीक्षण के दौरान पीएमओ को निर्देश दिए कि अस्पताल की वाहन पार्किंग व्यवस्था सुधारने के साथ एक्स-रे मशीन की मरम्मत कराई जाए। अस्पताल के बाहर बड़ा बोर्ड लगाया जाए। गेट के काऊ कैप्चर ठीक कराए जाएं। एम्बूलेंस के सायरन, ट्रॉलियों की मरम्मत की जाए। पीएमओ ने बताया कि इस कार्य के लिए उनके पास बजट नहीं है। संयुक्त निदेशक ने कहा कि उन्होंने सभी अस्पतालों के लिए निरीक्षण अिभयान 2014 (अनटाइडफंड) भेज दिया है तो फिर हिंडौन को कैसे नहीं मिला। इस पर अस्पताल के लेखाकार को बुलाने के लिए मोबाइल किया, लेकिन लेखाकार ने अटेंड नहीं किया। इस पर डॉक्टर और चिकित्साकर्मियों ने जानकारी दी कि लेखाकार को लूज मोशन हो गया है। बाद में पीएमओ ने आश्वस्त किया कि ये कार्य सात दिन में अन्य बजट से पूरे करा दिए जाएंगे।

हिंडौन सिटी. अस्पतालमें अव्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते भरतपुर के संयुक्त निदेशक डॉ. प्रशांत कुमार।