सरकारी क्वार्टर में पशुओं का बाड़ा
ग्रामपंचायत भंडारी में पंचायत प्रशासन की लापरवाही के कारण लाखों की लागत से बना एएनएम क्वार्टर अब पशुओं का बाड़ा बन गया है। पंचायत प्रशासन ने इसे गांव से काफी दूर जंगल में वन विभाग की भूमि पर बना दिया और वन विभाग ने भी अपनी भूमि पर बनाई चारदीवारी में इसे अंदर ले लिया। भवन का उपयोग नहीं होने से यह क्षतिग्रस्त हो गया है। ग्रामीण अब इस भवन को पालतू पशुओं को बांधने के लिए बाड़े के उपयोग में ले रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि सात वर्ष पहले ग्राम पंचायत भंडारी में एएनएम क्वार्टर के लिए सरकार ने साढ़े 3 लाख रुपए मंजूर किए थे। इसके निर्माण के लिए ग्राम पंचायत को एजेंसी बनाया था। पंचायत प्रशासन ने लापरवाही बरतकर इस भवन का निर्माण जंगल में वन भूमि पर करा दिया। उधर, निर्माण के कुछ महीने बाद ही वन विभाग ने इस भवन को वन भूमि पर करवाई गई चारदीवारी के अंदर ले लिया। करीब सात वर्ष से यह अनुपयोगी पड़ा है।
खिड़कियांऔर पत्थर ले गए लोग
इसक्वार्टर की खिड़कियां और फर्श पर बिछाए पत्थरों को लोग निकालकर ले गए। कुछ ग्रामीण रात में इस भवन में अपनी बकरियों को बांधने लगे हैं। ग्रामीणों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि क्वार्टर के मुख्य द्वार पर लगा चैनल गेट बकरियों की जंगली जानवरों से सुरक्षा करता है और वन विभाग की सुरक्षा दीवार के कारण जानवरों के चोरी होने का भी भय नहीं रहता।
टोडाभीम. भंडारीपंचायत से दूर जंगल में बनाया एएनएम क्वार्टर।
टोडाभीम. भंडारीमें एनएनम क्वार्टर की अलमारी में लगे लोहे जंगलों को लोग उखाड़कर ले गए।
^एएनएम क्वार्टर का निर्माण मेरे आने से पहले हुआ है। भवन की लागत साढ़े 3 लाख आई थी। इसे क्यों नाकारा घोषित किया गया। इस संबंध में जानकारी नहीं है। क्वार्टर के मामले में जांच की जा रही है। -विष्णुशर्मा, पंचायतसचिव, ग्राम पंचायत भंडारी
जांच करवा रहे हैं