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विधायकों ने सरकारी अफसरों पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप

7 वर्ष पहले
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करौली | जिलापरिषद की रविवार को हुई बैठक में बिजली-पानी के मुद्‌दे पर हंगामा हुआ। सदस्यों ने समस्याओं का समाधान नहीं होने विभागीय कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया। वहीं सपोटरा, टोडाभीम करौली विधायकों ने भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की नसीहत देकर भड़ास निकाली। टोडाभीम विधायक घनश्याम मेहर ने पीएचईडी के उदासीन रवैये पर रोष जताते हुए कहा कि आपकी आंखों में पानी ही नहीं है, जनता को क्या पिलाओगे। बैठक की अध्यक्षता जिला प्रमुख सीताराम जांगिड़ ने की।

सदस्य तेजसिंह जमालपुर, भभूती जाटव हुकम बाई ने हैंडपंप नहीं सुधरने कनेक्शन नहीं होने से सिंगल फेज नलकूप चालू नहीं होने की बात कही। पीएचईडी के अधिशासी अभियंता के गोलमाल जवाब पर सदस्य नाराज हो गए। तेजसिंह जमालपुर ने जिले के आरओ प्लांट की जानकारी मांगी तो पीएचईडी के एक्सईएन बगलें झांकने लगा। उनके एईएन ने जबाव दिया कि कुल 35 आरओ स्थापित हैं, जो बंद है। उन्हें जनवरी से पहले सही करवा देंगे। इसी प्रकार सदस्य रज्जोदेवी डागुर ने हिंडौन क्षेत्र के आरओ लगे गांवों की जानकारी मांगी। जहां 9 निर्माणाधीन स्थिति में बताए। टोडाभीम विधायक घनश्याम मेहर ने फ्लोराइडयुक्त पानी से निजात पाने के लिए आरओ शीघ्र शुरू कराने को कहा। उन्होंने कहा कि बैठक का क्या फायदा, हम बोलते हैं, समस्याएं रखते हैं, कोई समाधान ही नहीं करते। पीएचईडी एक्सईएन पर भड़ास निकालते हुए कहा कि मीटिंग में बहानेबाजी कर चले जाते हो। गर्मी में समस्या और बिगड़ जाएगी, कार्ययोजना बनाकर नीतिगत काम करो। आंखों में पानी है नहीं, जनता को पानी क्या पिलाओगे। इसके बाद कलेक्टर ने पीएचईडी अधिकारी को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने 10 दिन में खराब मोटर सही कर आपूर्ति बहाल कराने के निर्देश दिए।

करौली. साधारणसभा की बैठक में समस्याओं के समाधान पर चर्चा करते जनप्रतिनिधि।