- Hindi News
- राजपूत विवाह सम्मेलन के लिए 23 जोड़े पंजीकृत
राजपूत विवाह सम्मेलन के लिए 23 जोड़े पंजीकृत
राजपूत विवाह सम्मेलन के लिए 23 जोड़े पंजीकृत
करौली| श्रीराजपूतसभा जिला कार्यकारिणी की बैठक जिलाध्यक्ष अजयसिंह के निवास पर जिलाध्यक्ष अजयसिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन की तैयारियों पर चर्चा की गई। जिला महामंत्री जयेंद्र सिंह एडवोकेट ने बताया कि अब तक सामूहिक विवाह सम्मेलन के लिए 23 जोड़ों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। उन्होंने बताया कि सभी तहसील पदाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पंजीयन कार्य 15 अक्टूबर तक चलेगा पंजीयन के फार्म शुल्क कार्यालय में जमा कराएं। सम्मेलन की तैयारियों पर विचार-विमर्श कर कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां दी गई।
राशनडीलर पर महंगा गेहूं देने का आरोप
करौली| सपोटराके गांव महाराजपुरा के ग्रामीणों ने राशन डीलर पर रसद सामग्री नहीं बांटने का आरोप लगाते हुए जांच कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। ग्रामीण ठंडीराम, रामकेश मीणा, मीठालाल, लड्डूलाल, सरवन, लाखन आदि ने बताया कि डीलर मिलीभगत कर स्टॉक में फर्जी तरीके से वितरण दर्शाता है तथा बीपीएल से 25 रुपए और अंत्योदय से 35 रुपए की वसूली करने के साथ-साथ गेहूं भी कम तौलता है। खाद्य सामग्री कम देने का विरोध करने पर अभद्र व्यवहार भी करता है।
सूअरमालिकाें के खिलाफ होगा आंदोलन
कुड़गांव| कस्बेसहित आस-पास के किसानों ने भारतीय किसान संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष रामनिवास सैनी के नेतृत्व में रविवार को थानाप्रभारी ऋषिराज िसंह को ज्ञापन दिया है। सूअरों से खेतों में खड़ी फसल को उजाड़ने और इनके मालिकों की ओर से थाने में झूठे मुकदमा दर्ज किए गए हैं। जिनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। अगर तीन दिन में समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा। किसान ओमवीर िसंह, मानसिंह, समय सिंह, विजेंद्र सैनी,सतीश आदि ने बताया कि कुडगांव, मंडावरा और महमदपुर के किसानों खड़ी फसल बाजरा, मक्का, मूंगफली, शकरकंदी सूअर उनकी खड़ी फसल को बर्बाद कर रहे हैं।
दीनदयालउपाध्याय की जयंती 25 को मनाएंगे
करौली| भारतीयजनता पार्टी के लिए एकात्मक मानव वाद के आदर्शों के प्रणेता पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जयंती 25 सितंबर को मनाई जाएगी। भाजपा जिलाध्यक्ष प्रहलाद सिंहल ने जिले के सभी मंडलों के कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए हैं कि पंडित दीन दयाल उपाध्याय के विचारों,