पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • पौराणिक रचनाएं सुन श्रोत्रा हुए भावविभोर

पौराणिक रचनाएं सुन श्रोत्रा हुए भावविभोर

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
हिंडौन के साईंबाबा मंदिर के लिए पदयात्रा कल

गांवसादपुरा में चल रहे पांच दिवसीय धार्मिक गायन कार्यक्रमों का रविवार को देर शाम समापन हुआ। इस कार्यक्रम के आखिरी दिन सुड्‌डा दंगल में आधा दर्जन से अधिक गायक कलाकारों ने धार्मिक एवं पौराणिक कथाओं के आधार पर अपनी स्वरचित रचनाएं प्रस्तुत की जिन्हे सुनकर श्रोता भावविभोर हो गए। इस पांच दिवसीय धार्मिक आयोजन के समापन की घोषणा साद बाबा श्री उमेश महाराज के उद्बोधन के बाद किया गया।

आयोजन समिति के प्रवक्ता धारासिंह मीणा ने बताया कि समूचे गांव की ओर से आयोजित पांच दिवसीय धार्मिक आयोजनों की कड़ी में लंबा गीत, पद दंगल तथा पचवारा गीतों के साथ ही रविवार को सुड्‌डा दंगल का आयोजन रखा गया जिसमें डैडा बसेडी, मोडाई, नांदरी, पीपडी, लवाड़ लालसोट सुड्‌डा दंगल पार्टियों के गायक कलाकारों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत की।

डैडा बसेडी के मेडिया भीखाराम ने कौशल्या हरण की कथा, मोडाई के कृष्ण अर्जुन की कथा, नांदरी के मेडिया किसन सहाय ने राम रावण की कथा, पीपडी के विष्णु मीणा ने रानी जयंती की कथा और लवाड के रामकरण मीणा ने नल राजा की कथा, लालसोट के राजू ने मीन पुराण की कथा को अपनी स्वरचित रचनाओं में पिरो कर प्रस्तुति की जिस पर श्रोता भाव विभोर हो गए। इस दौरान श्रोताओं ने गायक कलाकारों ने नद पुरस्कार देकर उनका उत्साहवर्धन किया। समापन समारोह के दौरान ग्रामीण पंच-पटेलों ने सभी गायकों का माला एवं साफा पहनाकर स्वागत किया।