बैंडबाजे के साथ निकाली कलशयात्रा
नृसिंह अवतार एवं हिरण्याकश्यप के वध के जरिए भक्ति का बखान
गोमुख से फूटी जलधारा
गांवपदमपुरा में महंत हरिदास जी महाराज के सान्निध्य में गर्ग परिवार की ओर से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ में कलशयात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में ग्रामीण पुरुष एवं महिलाओं ने भाग लिया। कलश यात्रा में शामिल महिलाओं ने बैडबाजे की धुन पर नाचते गाते हुए समूचे गांव की परिक्रमा की। इस दौरान ग्रामीण युवकों ने जमकर आतिशबाजी की। इस कार्यक्रम के दौरान समूचा गांव धार्मिक रंग में रंगा हुआ नजर आया।
श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ पर आयोजित कलशयात्रा की तैयारियों में सुबह से आयोजक जुटे हुए थे। कलश पूजन के साथ शुरू हुई यह कलशयात्रा समूचे गांव की परिक्रमा करते हुए पुन: कथा स्थल पर पहुंची। कलश यात्रा के दौरान ग्रामीण पुरुष एवं महिलाएं बैडबाजे पर बजने वाले भजनों पर नांचते गाते हुए चल रहे थे वहीं ग्रामीण पंच-पटेल वृद्धजन भागवताचार्य मुकेश शास्त्री को घोडी पर बिठाकर रामधुनी करते हुए उनके पीछे-पीछे चल रहे थे। इस दौरान ग्रामीण युवक कलशयात्रा के आगे आतिशबाजी करते हुए चल रहे थे। इस दौरान समूचा गांव धार्मिक रंग में रंगा हुआ दिखाई दिया।
भागवतकल्पवृक्ष के समान
गांवपदमपुरा में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के पहले दिन भागवताचार्य मुकेश शास्त्री ने अपने प्रवचन के दौरान भागवत कथा के महातम का उल्लेख करते हुए बताया कि भागवत कथा कल्पवृक्ष के समान है, जिसके सुनने मात्र से मनुष्य को पापों से मुक्ति मिल जाती है वहीं पुण्य की प्राप्ति होती है। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं को जानकारी दी कि इस कथा को ध्यान से श्रवण करने की जरूरत है।
कैलादेवी. केदारगिरीकी गुफापर श्रीमद्भागवत कथा के समापन पर हवन यज्ञ करते श्रद्धालु।
टोडाभीम. पदमपुरामें कलशयात्रा में सजाई श्रीकृष्ण राधा की मनमोहक सजीव झांकी।
टोडाभीम. पदमपुरामें आयोजित श्रीमद्भागत कथा के शुभारंभ पर निकाली कलशयात्रा।