कलयुग में परमात्मा सबसे बड़ी संपत्ति
गांवपदमपुरा में महंत हरीदास जी महाराज के सान्निध्य में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में आचार्य मुकेश शास्त्री ने मंगलवार को प्रवचन में बताया कि इस कलयुग में सबसे बड़ी संपत्ति परमात्मा है, जिसे पाने के लिए प्रत्येक मनुष्य को अभिलाषा रखनी चाहिए।
उन्होने बताया कि सुख-दुख, सफलता-असफलता जीवन के अभिन्न अंग है। इस दौरान भजन गायकों द्वारा सुनाई रचनाओं पर श्रोताओं ने जमकर ठुमके लगाए।
रामजन्मएवं वामन अवतार का सुनाया प्रसंग
कोटरी/ कटकड़| गांवलीलोटी के मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा सुनने के लिए प्रतिदिन काफी संख्या में धर्मप्रेमी उपस्थित हो रहे हैं। मंगलवार को आचार्य भरतलाल शास्त्री कटकड़ वालों ने भगवान राम जन्म की कथा के साथ राजा बली और वामन अवतार का प्रसंग सुनाया।
आचार्य भरतलाल शास्त्री ने कहा कि दानवीर राजा बली अपने वादे के अटल थे। अपना वादा पूरा करने के लिए वे कुछ भी करने को तैयार थे। भगवान विष्णु ने वामन अवतार का रूप धारण कर राजा बली से जो भी मांगा, वह राजा बली ने उन्हें दिया। आचार्य ने कथा में भजन प्रस्तुत किए। भजनों पर महिलाओं ने नृत्य प्रस्तुत किया। कथा सुनने के लिए लीलोटी के अलावा कारवाड़, फैलीपुरा, सिंघान, बझेड़ा, कोटरी आदि गांवों के काफी संख्या में धर्मप्रेमी उपस्थित हुए। कथा आयोजन से जुड़े पूर्व सरपंच अमरसिंह, हंसा पटेल आदि ने बताया कि कथा के साथ शिव परिवार की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा का भी कार्यक्रम किया जा रहा है। इन धार्मिक आयोजनों के समापन पर भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
देशके कोने-कोने से आए हजारों भक्तों ने लगाई बालाजी को ढाेक
टोडाभीम|आस्थाधाममेहंदीपुर बालाजी में मंगलवार को देश के काेने-काेने से आए महाबली के हजारों भक्तों ने श्री बालाजी महाराज के दर्शन कर अपनी अपने परिवारजनों की खुशहाली के लिए मन्नते मांगी। इस दौरान भक्तों के द्वारा लगाए गए बजरंगी के जयकारों से समूची पावन नगरी गुंजायमान हो उठी।
सुबह तड़के चार बजे से ही बालाजी महाराज के मंदिर के सामने मंगला की आरती में शरीक होने के लिए मंदिर के सामने भक्तों का जमखट दिखाई देने लगा।
आरती के छींटे लेने के बाद इन भक्तों ने श्री बालाजी महाराज के दर्शनों के लिए कतारों में लगना शुरू कर दिया जिससे कुछ ही देर में मंदिर के दाेनो ओर भक्तों की दूर-दूर तक कतारे दिखाई देने लगी। इन लंबी कतारों में घंटो खडे रहकर इंतजार के बाद इन श्रद्धालुओं ने श्री बालाजी महाराज की चौखट पर मत्था टेककर अपनी अपने परिवारजनों की खुशहाली के लिए मन्नते मांगी। इस दौरान श्री बालाजी महाराज महंत किसोरपुरी जी महाराज के जयकारों से समूचा धाम दिन भर गुंजायमान होता रहा।
कोटरी. लीलोटीमें श्रीमद्भागवतकथा में प्रवचन देते आचार्य भरतलाल एवं भजनों पर झूमते श्रद्धालु।