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पीडब्ल्यूडी के ठेकेदारों ने किया टेंडरों का बहिष्कार
कार्यालय संवाददाता| हिंडौन सिटी
सार्वजनिकनिर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के ठेकेदारों ने सोमवार को विभाग की ओर से किए जाने वाले विभिन्न कार्यों के टेंडरों का बहिष्कार कर दिया। ठेकेदारों के इस बहिष्कार से हिंडौन, नादौती और टोडाभीम क्षेत्र में बारिश से जर्जर हुई सड़कों की मरम्मत का कार्य अटक गया है। इसके लिए विभाग ने सोमवार को करीब ढाई करोड़ के टेंडर आमंत्रित किए थे, लेकिन विरोध के चलते किसी भी ठेकेदार ने टेंडरों में भाग नहीं लिया।
राजस्थान कांट्रेक्टर एसोसिएशन खंड हिंडौन के अध्यक्ष माधोलाल गर्ग ठेकेदार लेखेंद्र चौधरी सहित पीडब्ल्यूडी के ठेकेदारों ने बताया कि पीडब्ल्यूडी ने सोमवार को हिंडौन, टोडाभीम और नादौती क्षेत्र की सड़कों की मरम्मत के करीब ढाई करोड़ की लागत वाले टेंडर आमंत्रित किए थे, लेकिन विभाग के सभी ठेकेदारों ने टेंडरों का बहिष्कार कर दिया। ठेकेदारों के इस बहिष्कार से पीडब्ल्यूडी की ओर से आमंत्रित किए गए करीब ढ़ाई करोड़ के टेंडर नहीं हो पाए। विभाग के ठेकेदारों ने अपनी मांगों को लेकर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और मांगों से अधिशाषी अभियंता विष्णु गुप्ता को अवगत कराया। विरोध प्रदर्शन करने वालों में करीब 50 से ज्यादा ठेकेदार शामिल थे।
बिनावीडियोग्राफी करें भुगतान
पीडब्ल्यूडीके ठेकेदारों ने अपनी मांगों के संबंध में सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को जो ज्ञापन दिया है, उसमें उल्लेख है कि पूर्व में किए गए कार्यों का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। इसके अलावा वीडियोग्राफी कराए बिना निर्माण कार्यों का ठेकेदारों को भुगतान किया जाए। इसके साथ रनिंग बिलों का भुगतान करने और सीआरसी की शर्त हटाने की भी ठेकेदारों ने मांग की है। स्पष्ट किया है कि जब तक इन मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा, तब तक बहिष्कार जारी रहेगा।
सीआरसीकी शर्त नहीं हटेगी
सार्वजनिकनिर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता विष्णु गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि भुगतान से पहले सीआरसी की शर्त नहीं हटाई जाएगी। इस शर्त के अनुसार ठेकेदारों को डामर का बिल भुगतान के लिए प्रस्तुत करना होता है, लेकिन ठेकेदार डामर का बिल नहीं दे रहे हैं।
उन्होंने बताया कि जिन ठेकेदारों का भुगतान बकाया है, उन्हें एक-दो दिन में भुगतान दे दिया जाएगा। इस तरह टेंडरों का बहिष्कार किया जाना उचित नहीं है। गौरतलब है कि इंडियन ऑयल कार्