आठ कक्षाओं पर एक टीचर
टोडारायसिंह|राज्य सरकारने भले ही शैक्षिक स्तर को सुधारने के लिए एकीकरण का फार्मूला चलाया है लेकिन साथ के साथ अध्यापकों का समानीकरण नहीं करने से कही पर अध्यापक कम है तो कही पर अधिक हो गए है। ऐसी ही कस्बे की राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय घाटी रैगरान है जिसमें 8 कक्षाओं पर 12 टीचर नियुक्त है। वहीं दूसरी ओर राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय बालापुरा स्कूल है जिसमें आठ कक्षाओं पर मात्र एक ही टीचर नियुक्त है।
सितंबर, 2014 में विद्यालय को पास के स्कूलों में मर्ज तो कर दिया लेकिन उन अधिशेष अध्यापकों का समानीकरण नहीं किया। ऐसे में गत छह माह से कस्बे की राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल में कक्षाओं से भी अधिक टीचर नियुक्त है। वहां कुल 8 कक्षाओं पर पढ़ाने वाले 12 टीचर नियुक्त है। यहीं नही यहां दो प्रधानाध्यापक दो पीटीआई भी कार्यरत है। वहीं दूसरी ओर राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल बालापुरा (बावड़ी) है जिसमें आठ कक्षाओं पर मात्र एक प्रबोधक अध्यापक नियुक्त है। हालांकि व्यवस्थागत वहां दो अध्यापक डेपुटेशन पर भी लगाए हुए है। फिर भी इस स्कूल में टीचरों की कमी है। ऐसे में इस स्कूल में टीचरों की कमी के चलते शिक्षण व्यवस्था प्रभावित है तो वहां सभी शिक्षकों का एक साथ पढ़ाने का नंबर ही नहीं आता है। कई स्कूलों में पीटीआई का अभाव है लेकिन घाटी रैगरान स्कूल में दो-दो पीटीआई सेवा दे रहे है। ऐसा हुआ यूं कि सितंबर माह में राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल महल को घाटी रैगरान स्कूल में मर्ज कर दिया था जिससे महल स्कूल के सभी बच्चे प्रधानाध्यापक सहित सभी अध्यापक घाटी रैगरान स्कूल में गए थे। तब से ये अध्यापक इसी स्कूल में कार्यरत है।