टोडा में दो डॉक्टरों के भरोसे सीएचसी
टोडारायसिंह. डॉक्टरोंके पद रिक्त होने से मरीजों को नहीं मिल रहा इलाज।
भास्कर न्यूज | टोडारायसिंह
कस्बेचिकित्सा सेवा भगवान भरोसे है। डॉक्टरों की कमी से मरीजों को उपचार नहीं मिल रहा है। टोडारायसिंह सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर छह डॉक्टरों के सृजित पदों में से मात्र दो डॉक्टर ही हैं। जिन पर पूरे उपखंड के मरीजों का दबाव बना रहता है। विशेषज्ञ डॉक्टरों के रिक्त पदों के चलते मरीजों को बाहर जाकर महंगा उपचार कराना पड़ रहा है।
सवा लाख की जनसंख्या वाले उपखंड मुख्यालय के अस्पताल में सर्जन, स्त्री रोग विशेषज्ञ, दंत रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त है। स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं होने से यहां प्रसव नर्स के भरोसे रह गया है। इससे प्रसूताओं को परेशानी होती है। सर्जन डॉक्टर के नहीं होने से ऑपरेशन थिएटर के उपकरण धूल चाट रहे हैं। छोटे ऑपरेशन के लिए भी मरीज को दूसरे शहर जाना पड़ रहा है। वर्तमान में अस्पताल में दो फिजीशियन डॉ.जे.पी.गुप्ता डॉ.उमाशंकर मीणा कार्यरत है।
स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के अभाव में मरीजों को जयपुर टोंक के अस्पतालों में जाना पड़ता है। अस्पताल में इन दिनों 400 से अधिक मरीजों का आउटडोर चल रहा है। एक्सीडेंट केस, डिलीवरी केस, इन-डोर आउट-डोर मरीज, पोस्टमार्टम तथा अस्पताल के प्रशासनिक कार्य करना पड़ता है।
^कस्बेके अस्पताल सहित ग्रामीण क्षेत्र के उपस्वास्थ्य केन्द्रों पर डॉक्टरों के पद रिक्त हैं। रिक्त पदों की हर माह सूची जिला मुख्यालय पर भिजवाते हैं। डॉक्टरों की नियुक्ति करना तो सरकार के हाथ है। डॉ.मेहबूबखान, ब्लॉकसीएमएचओ