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टोडारायसिंह को रेल की सीटी का फिर इंतजार
केन्द्रसरकार के आगामी रेल बजट को लेकर इस बार भी यहां के नागरिक टोडारायसिंह में रेल की घोषणा को लेकर आशान्वित हंै। पूर्व में चलाई गई रेल को फिर से शुरू करवाने की मांग की है ताकि सरकार को अधिक धन खर्च नहीं करना पड़े।
आजादी के बाद जयपुर से टोडारायसिंह के लिए दो रेल संचालित हुआ करती थी, लेकिन करीब 25 वर्ष पूर्व इस यहां की रेल सेवा को केन्द्र सरकार ने घाटा दिखाकर बंद कर दिया था। तब से आज तक टोडारायसिंह के नागरिकों को रेल सेवा से वंचित रहना पड़ रहा है। इसके बाद जनप्रतिनिधियों द्वारा चुनावों में कई बार रेल लाने की घोषणाएं की जा चुकी हंै लेकिन चुनाव जीतने के बाद इस मुद्दे को ही दर किनार किया जाता रहा है। इससे यहां के नागरिक हर साल रेल बजट के बाद अपने को ठगा सा महसूस करते रहे हंै। अब जबकि यहां के नागरिकों ने सरकार की सभी कड़ियां जोड़ दी हैं। प्रधान से लेकर सांसद तक भाजपा के प्रतिनिधि काबिज हो चुके हैं। ऐसे में टोडारायसिंह के नागरिकों को इस रेल बजट में यहां के सांसद सुखबीर सिंह जोनापुरिया से रेल की घोषणा करवाने की उम्मीद है।
सन 1951 से 1992 तक जयपुर-टोडारायसिंह तक दो ट्रेनें चला करती थी, लेकिन इन ट्रेनों को 16 सितंबर, 1992 को बिल्कुल बंद कर दिया गया। जिस दिन से यह रेल बंद हुई है तब से टोडारायसिंह का संपूर्ण विकास ही थम सा गया है। केन्द्र सरकार ने इस रेल को बंद करने के पीछे घाटा बताया था। घाटे के पीछे रेल गाड़ी के आने जाने का समय 3:44 था जो कि लोगों के लिए अनुकूल नहीं था।
ट्रेन में टिकट चेक करने भी कभी कभार ही आते थे जिससे कई मुसाफिर निशुल्क सफर करते थे। वर्तमान में रेलवे लाइन की जगह ज्यों के त्यों है। फिर से रेलवे लाइन बिछाने में सरकार को किसी तरह का मुआवजा नहीं देना पड़ेगा। रेलवे के सभी क्वार्टर, रेलवे स्टेशन कार्यालय, फाटक, पुलिया आदि बने हुए है। कुछ टूट फूट की मरम्मत करने से ये ठीक हो जाएंगे। अगर यह रेल सेवा फिर से शुरू करवा दी जाती है यहां का व्यापार पर्यटन काे बढ़ावा मिल सकेगा। बेरोजगारों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
टोडारायसिंह. कस्बेका वर्षों पुराना रेलवे स्टेशन जहां पर पहले रेल आकर रुकती थी।