बीसलपुर का एक गेट भी बंद
बीसलपुरबांध में पानी की कम आवक को देखते हुए शुक्रवार देर शाम बांध के एकमात्र गेट नंबर 10 को बंद कर दिया गया। बीसलपुर बांध के अधीक्षण अभियंता सतपाल मीणा ने बताया कि बांध से वर्तमान में जयपुर, अजमेर, टोंक सहित अन्य जगहों पर की जा रही पेयजल सप्लाई तथा वाष्पीकरण में लगभग 350 क्यूसेक पानी खर्च हो रहा है। शनिवार को बांध का जलस्तर 315.50 बना हुआ है तथा त्रिवेणी का जलस्तर 1.50 मीटर दर्ज किया गया है।
2004में पहली बार सिंचाई को पानी छोड़ा
बीसलपुरबांध परियोजना की दोनों मुख्य नहरें तथा इनसे निकलने वाली वितरिकाओं का निर्माण पूर्ण होने के बाद 2004 में पहली बार खेतों में सिंचाई के लिए पानी छोड़ा गया। नहरों द्वारा 256 गावों की 8,1800 हैक्टेयर भूमि सिंचित होने लगी। जिसमें 51.64 किमी लंबी दाईं मुख्य नहर से 69,393 हैक्टेयर भूमि 18.65 किमी लंबी बांयी मुख्य नहर से 12,407 हैक्टेयर भूमि सिंचित होने लगी जिसमें बांध का लगभग 8 टीएमसी पानी दिया जाने लगा है। 2004 से अब तक बांध से नहरों में सात बार पानी दिया जा चुका है। परियोजना प्रशासन इस वर्ष आठवीं बार नहरों में पानी छोड़ने की तैयारियों में लग गया है। नहरों तथा माइनरों की सफाई मरम्मत के बाद शीघ्र नहरें खोली जा सकेगी।
बांधमें पानी की आवक
बीसलपुरबांध परियोजना के सहायक अभियंता मनीष बंसल ने बताया कि इस मानसून सत्र की शुरुआत में 15 जून को बांध का जलस्तर 312.10 आरएल मीटर था, जो पेयजल सप्लाई के कारण कम होकर 311.60 आरएल मीटर तक पहुंच गया था। इसमें 6 अगस्त के बाद तेजी से पानी की आवक दर्ज की गई। 13 अगस्त को 315.36 आरएल मीटर जलस्तर पर पानी की तेज आवक देखते हुए बांध के चार गेट खोल दिए गए। 16 अगस्त को बांध अपने पूर्ण भराव 315.50 पर पहुंच गया। बाद में पानी की आवक कम होने पर बांध के एक गेट से पानी की निकासी की जाती रही। जिसे 24 अगस्त को बंद कर दिया गया था। सितंबर में एक बार फिर मानसून सक्रिय होने से परियोजना प्रशासन को 10 सितंबर को फिर से बांध के चार गेट खोलने पड़े।
राजमहल. बांधका गेट नंबर 10 देर शाम बंद कर दिया।
राजमहल. बांधका गेज 315.50 एलआर मीटर।