हिंदी को राष्ट्र भाषा का मिले दर्जा
हिंदीदिल से बोलेंगे, फिर उसके हो लेंगे सहित कई नारे आदि भी हिंदी को लेकर लगाए जाते रहे हैं, लेकिन आज भी जिले में हिंदी के कई विद्यालयों में पद खाली हैं। उन्हें भरने के लंबे समय से प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं हो पा रहा है। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में कार्यरत डॉ. मनु शर्मा का कहना है कि हिंदी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भाषायी दर्जा दिलाने के लिए सरकार को प्रयास करने चाहिए तथा हिंदी को आधुनिक विज्ञान की भाषा के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। हिंदी को संवैधानिक स्तर पर राष्ट्रीय भाषा के रूप में मान्यता मिलनी चाहिए।
कन्या महाविद्यालय की हिंदी व्याख्याता प्रीति जैन का कहना है कि हिंदी भाषा का विकास हुआ है और उसको जानने वाले, पढ़ने वालों की संख्या बढ़ी है। उत्तर पूर्व एवं दक्षिण राज्यों में हिंदी जानने वाले बहुत कम लोग थे, आज वहां हिंदी सबकी प्रिय भाषा बन गई है। हिंदी गजल और उसका रचना विधान विषय पर शोध करने वाली डॉ. प्रिया सक्सेना का कहना है कि हिंदी का चलन बढ़ा है, लेकिन आज भी जिस ऊंचाई पर हिंदी को होना चाहिए, वहां पर नहीं पहुंच पाई है।
टोंकमें होगी विचार गोष्ठी
टोंक | हिंदीदिवस पर साहित्य मंच अजीम प्रेमजी फाउंडेशन की ओर से रविवार को दोपहर 2 बजे सिटी पैलेस में विचार गोष्ठी होगी। साहित्य मंच महासचिव अमीर अहमद सुमन ने बताया कि गोष्ठी में डॉ. मनु शर्मा एवं प्रो. पी.सी. पांडे प्रमुख वक्ता होंगे।
कुहाड़ामें कार्यक्रम आज
मोेर | गांवनेहरू युवा मंडल कुहाड़ा बुजुर्ग की ओर से 14 सितंबर को हिंदी दिवस पर कई कार्यक्रम होंगे। वरिष्ठ सलाहकार जगदीश घटाला ने बताया कि शनिवार को सुबह संगोष्ठी तथा दोपहर बाद हिंदी विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता होगी। हिंदी भाषा राष्ट्र भाषा क्यों पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा।
टोंक. प्रियासक्सेना।
टोंक. डॉ.प्रीतिजैन।
टोंक. डॉ.मनुशर्मा।