एकीकरण से नहीं हो पाया समस्या का समाधान
जिलेमें स्कूलों के एकीकरण में कई जगह की शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई है। कई जगह छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़ने के कारण बैठने की जगह नहीं है तो कहीं विद्यालयों में बच्चों को अधिक दूरी तय करने के कारण परेशानी हो रही है।
इस संबंध में कई गांवों के लोगों ने कलेक्टर सहित शिक्षा विभाग के अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराया, लेकिन राज्य सरकार के एकीकरण के फैसले के कारण अधिकारी भी इस संबंध में कुछ नहीं कर पा रहे हैं। इसका खमियाजा छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है। वहीं शिक्षा व्यवस्था भी कई जगह प्रभावित हो रही है। राउप्रावि छावनी अन्नपूर्णा में किराये के भवन में संचालित भवन में संतोषनगर के स्कूल को मर्ज कर दिया गया। इससे वहां बैठने सहित कई समस्याएं व्याप्त हो गईं।
प्रधानाध्यापक लालाराम मीणा ने बताया कि स्कूल की व्यवस्था शिक्षकों की कमी के लिए सभी उच्चाधिकारियों को लिख दिया गया है। इसी प्रकार अहमदपुरा चौकी, हरचंदेड़ा, सोरण आदि में भी कमरे कम होने से छात्र-छात्राओं को बाहर बैठकर पढ़ना पड़ रहा है। जिला शिक्षाधिकारी प्रारंभिक रमेशचंद जैन का कहना है कि एकीकरण के बाद जिन विद्यालयों में जगह नहीं है, उनकी व्यवस्थाओं को लेकर उपनिदेशक से आवश्यक अनुमति लेकर विद्यालय संचालित किया जा सकता है। जिले में करीब दो दर्जन विद्यालय ऐसे हैं, जो एक किलोमीटर से अधिक दूरी पर हैं, उनके लिए कलेक्टर को रिपोर्ट दे रखी है। इसके निरीक्षण के बाद राज्य सरकार को आवश्यक व्यवस्था के लिए लिखा जा सकेगा।
पेड़के नीचे कक्षाएं
अलीगढ़| राज्यसरकार द्वारा स्कूलों के एकीकरण के बाद छात्र- छात्राओं को बैठने की समस्या हो गई है। कस्बे के राउमावि में राउप्रावि बालाकिला एवं राप्रावि बरड़ा मालियान को मर्ज किया था। इसके बाद दोनों स्कूलों का संचालन राउमावि में होने से वहां छात्र-छात्राओं को बाहर पेड़ के नीचे बिठाकर पढ़ाया जा रहा है।