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बजरी के ढेर की नीलामी में मिली भगत पर हंगामा
अनधिकृतखनन की जांच के दौरान मेहगांव के समीप पिछले माह में पकड़े गए अवैध बजरी के स्टॉक की नीलामी के दौरान उस समय हंगामा हो गया, जब खनिज विभाग के अधिकारी बोली के लिए निर्धारित समय के बाद डिमांड राशि के ड्राफ्ट आदि डालने वालों को भी बोली में शामिल करने पर आमदा हो गए। इसका वहां पर उपस्थित कई लोगों ने हंगामा कर दिया तथा उन्होंने खनिज विभाग एवं बनास नदी में बजरी के ठेकेदारों पर मिलीभगत का आरोप लगाया।
खनिज विभाग में राजस्व ग्राम मेहगांव में सोमवार को बजरी के जमा स्टॉक की खुली नीलामी के लिए 1 लाख रुपए की राशि के ड्राफ्ट के साथ आवेदन सोमवार को दोपहर 12 बजे पूर्व कार्यालय में दिए जाने की सूचना जारी की। बोली लगाने के लिए आवेदन करने वाले लोगों का आरोप था कि निर्धारित समय तक जो आवेदन ड्राफ्ट आए हैं उनको ही बोली में शामिल किया जाए। निर्धारित समय तक चार आवेदन आए थे, केवल उनको ही शामिल किया जाए, जो तीन आवेदन बाद में आए हैं, उनको इसमें शामिल नहीं किया जाए, नहीं तो हम बोली लगाने नहीं देंगे। आपस में तनातनी के बीच एक ने सरकारी रेट पर बोली लगाई, जिसपर हंगामा हो गया। बाद में मामला शांत कर इस मामले का निर्णय कमेटी पर छोड़ा गया। बाद में इस बोली को निरस्त कर दिया गया। खनिज विभाग के सहायक अभियंता मनोज शर्मा ने बताया कि खुली नीलामी के लिए सात आवेदन आए थे, जिसमें एक-दो आवेदन दो मिनट देरी से थे। सात लोगों की बोली लगवाई गई, इसमें एक बोली दाता ने सरकारी बोली 10 लाख 26 हजार के मुकाबले 10 लाख 50 हजार की बजरी के ढेर की बोली लगाई। बाद में कमेटी ने बोली को उचित नहीं मानते हुए इसको निरस्त कर दिया। पक्का बंधा नई पुलिया के प्रतिबंधित क्षेत्र में जून में की गई कार्रवाई के तहत अनुमानित 7600 टन बजरी का स्टॉक जब्त किया गया था, जिसकी नीलामी सोमवार को होनी थी, इस दौरान विभाग के अतिरिक्त निदेशक खान आर.के. हीराक, सहायक लेखाधिकारी जयपुर महेश गुप्ता खनिज विभाग टोंक के सहायक अभियंता मनोज शर्मा आदि मौजूद थे।
येलगे आरोप
मेहगांवके बजरी के ढेर की बोली लगाए जाने पर खनिज विभाग के अधिकारियों पर आरोप लगाए गए कि खनिज विभाग के अधिकारी निर्धारित समय के बाद ठेकेदार के लोगों के आवेदन शामिल कर बोली उनको देना चाहते थे। वहीं दूसरा आरोप है कि जिले में कई जगह बजरी के ढेर पकड़े गए तथा वह ढेर अब कहां हैं तथा उनकी बोली क्यो नहीं