जलमग्न हुई बनास...
टोंक. बनासअक्सर सूखी रहती है, उसमें कहीं पानी भी नजर आता है तो वहां भी कुछ क्षेत्रों में ही नजर आता है, लेकिन बीसलपुर बांध के गेट खुलने के बाद बनास में जल का स्तर बढ़ रहा है। वनों की आस बनास में इन दिनों चारों तरफ पानी ही पानी नजर रहा है। यह नदी उदयपुर जिले की अरावली पर्वत श्रेणियों में कुम्भ्लगढ के पास खमनोर की पहाड़ियों से निकलती है। यह नाथद्वारा कांकरोली, राजसमंद और भीलवाड़ा जिले से बहती हुई टोंक, सवाई माधोपुर के बाद रामेश्वर के नजदीक चंबल में िमलती है। इसकी लंबाई 480 किलोमीटर है। इसकी सहायक नदियों में बंडच, कोठारी, मांसी, खारी, मुरेल धुंध है। दो दशक पहले तक बनास मीठे खरबूजों के लिए प्रसिद्ध थी, लेकिन बीसलपुर बांध के निर्माण के बाद यहां पानी की आवक रुक जाने से सूखा पसर गया। खरबूजे लुप्त होने के साथ ही यहां पर सूखा पसरने लगा। बहरहाल, बीसलपुर बांध के गेट खुलने पर एक बार फिर बनास जलमग्न हो गई है। -एम.असलम