कांग्रेस में फेरबदल की चर्चा जोरों पर
कांग्रेस में हो रहे फेर-बदल की चर्चाओं के बीच जिलाध्यक्ष बदले जाने के कयास जहां कई लोग लगाने लगे हैं, वहीं कांग्रेस का एक वर्ग वर्तमान जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में ही कांग्रेस की मजबूती का दम भरता भी नजर आता है।
राज्य के कई जिलों में जिलाध्यक्ष बदले जाने के बाद टोंक में भी कांग्रेस खेमे में राजनीति कुछ गर्मा रही है। लेकिन जिन के नाम जिलाध्यक्ष के लिए सामने रहे हैं, उनको लेकर भी एकराय नजर नहीं पा रही है। जिले में पिछले चुनाव में कांग्रेस को करारी हार देखनी पड़ी है। उसके बाद कांग्रेस को मजबूत किए जाने की आवश्यकता तो जताई जा रही है। लेकिन कैसे मजबूत किया जाए कार्यकर्ताओं को इसके बारे में दिशा एवं दशा दिखाई नहीं दे रही है। कोई मुद्दा एवं नेतृत्व अब तक उभर कर सामने भी नहीं पा रहा है। हालांकि स्थानीय निकाय चुनाव में कांग्रेस की कई जगह जनता ने स्थिति मजबूत की, लेकिन आपसी खींचतान ने कहीं कहीं उसको भी कमजोर कर दिया। कांग्रेस में बागियों दागियों के चर्चाओं के बीच संगठन के प्रति वफादारी का दम भरने वाले भी टिका टिप्पणियों में जुटे नजर रहे हैं। वहीं कुछ लोग अभी उचित समय पर पत्ते खोलने की सियासत के तहत भी खामोशी बरते हुए हैं। बहरहाल कांग्रेस खेमे में चल रहे फेरबदल को लेकर यहां भी सियासत अंदर ही अंदर गर्माई हुई है। कांग्रेस में क्या कुछ हो पाएंगे ये तो समय ही बताएंगी, लेकिन इस समय जगह-जगह पार्टी में फेरबदल की चर्चा में नेता सहित कार्यकर्ता मशगूल है। यहीं कार्यकर्ता से लेकर बड़े स्तर पर भी लोग अपने-अपने नेताओं के पक्ष में लाबिंग में जुटे हुए है, जिससे माहौल सक्रिय बना हुआ है। हालांकि अधिकारिक रूप से कोई भी इस बारे में बोलने को तैयार नहीं है, लेकिन पार्टी की इस अंदरूनी राजनीति से कोई इंकार भी नहीं कर रहा है।