परीक्षार्थियों की भीड़ से बसों में नहीं चढ़ पाए दूसरे यात्री
दोपहरबाद 3 बजे पटवार भर्ती परीक्षा समाप्त होते ही परीक्षार्थियों का हुजूम बस स्टैंड पर उमड़ पड़ा। सबसे अधिक भीड़ सवाई माधोपुर की बसों में देखी गई। सवाई माधोपुर की बसों में चढ़ने की होड़ लगी रही। रोडवेज बसों में सीट पाने के लिए कई परीक्षार्थी खिड़कियों से चढ़ते देखे गए। वहीं कई जिन महिला परीक्षार्थियों के साथ दुधमुंहा बच्चे साथ आए थे। उनको चढऩे में थोड़ी परेशानी हुई। इससे बचने के लिए कई बच्चों को खिड़कियों में अंदर भेजा गया। हालांकि प्रशासन पुलिस ने बस कह छत पर किसी को बैठने नहीं दिया।
30 बसें भेजी है सवाई माधोपुर
पटवारभर्ती परीक्षा में टोंक में सबसे अधिक परीक्षार्थी सवाईमाधोपुर के थे। इनको गंतव्य स्थान पर जाने के लिए कोई परेशानी हो, इसके लिए रोडवेज प्रबंधन ने यातायात व्यवस्था पुख्ता कर रखी थी। इसके तहत 30 बसें तो सवाईमाधोपुर के लिए भेजी गई। वहीं टोंक जिले के कई परीक्षार्थियों का परीक्षा केंद्र भीलवाड़ा आने से वहां शुक्रवार से शनिवार तक 20 रोडवेज बसें भेजी गई। इससे व्यवस्था सुचारु रही।
टोंक. पटवारीपरीक्षा समाप्त होने के बाद गंतव्य स्थान पर जाने की जल्दी में रोडवेज में चढ़ते अभ्यर्थी परिजन।
कार्यालय संवाददाता | टोंक
जिला मुख्यालय पर शनिवार को 27 परीक्षार्थी केंद्रों पर हुई पटवार भर्ती परीक्षा में करीब साढ़े छह हजार (80 प्रतिशत से अधिक)परीक्षार्थियों ने पटवारी बनने के लिए भाग्य आजमाया। प्रशासन पुलिस के कड़े इंतजाम के चलते परीक्षा शांतिपूर्ण हुई। पेपर को कई परीक्षार्थियों ने कठिन बताया तो कई ठीक-ठाक होना बताया। परीक्षा को लेकर बाहर से आए परीक्षार्थी परिजनों के चलते दिनभर बाजार परीक्षा केंद्रों के बाहर काफी चहल-पहल रही। वहीं परीक्षा समाप्त होने के बाद बस स्टैंड सड़कों पर अभ्यर्थियों का रेला लगा रहा। गंतव्य स्थान पर जाने के लिए बसों में बैठने के लिए परीक्षार्थी मशक्कत करते देखे गए।
सेंडल-जूतेउतारकर गए
प्रदेशके अन्य जिलों की तरह शनिवार दोपहर 12 बजे से पटवार भर्ती परीक्षा शुरू हुई। इसके लिए परीक्षार्थियों उनके परिजनों का आने सिलसिला शुक्रवार रात से शुरू हो गया था। यह शनिवार सुबह तक चलता रहा। परीक्षार्थियों का सुबह करीब दस बजे से ही परीक्षा केंद्रों पर पहुंचना शुरू हो गया था। परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश को लेकर सख्त किए गए नियमों से परीक्षार्थियों को काफी परेशानी हुई। पहले से निर्धारित किए मापदंड के अनुसार परीक्षार्थियों को सेंडल, जूते मौजे उतार कर परीक्षा केंद्र में जाना पड़ा। शहर की कॉलेज समेत सरकारी निजी स्कूलों में बनाए गए 27 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा हुई। इसमें आठ हजार में से छह हजार 434 परीक्षार्थी शामिल हुए। पुलिस प्रशासन की कड़ी सुरक्षा में दोपहर बाद 3 बजे परीक्षा संपन्न हुई। परीक्षा संपन्न होते ही परीक्षार्थियों का रैला बस स्टैंड की ओर रवाना हुआ, जहां कुछ ही देर में बस स्टैंड पर भारी भीड़ जमा हो गई। वहां पहले से ही मौजूद एसडीएम डॉ.लोकेश कुमार गौतम, सदर थाना प्रभारी छोटी लाल मीना मय जाब्ते के व्यवस्थाएं संभाली। हालांकि कई परीक्षार्थी बस में सीट पाने के लिए खिड़कियों में से भी चढ़ते देखे गए। रोडवेज के कर्मी भी व्यवस्था बनाने मेंें देर शाम तक जुटे रहे, लेकिन परीक्षार्थियों की भीड़ अधिक होने से व्यव्था के लिए काफी मशक्कत होई।
धक्कालगाना पड़ा बस को
रोडवेजप्रबंधन ने यूं तो परीक्षार्थियों की भीड़ को देखते हुए बस स्टैंड पर बसों की माकूल व्यवस्था कर रखी थी, लेकिन इनमें से एक-दो बसें स्टार्ट नहीं हुई। बाद में उन्हें रोडवेजकर्मियों आदि ने धक्का लगाकर स्टार्ट करवा कर रवाना किया। बसस्टैंड पर बस में बैठने के लिए काफी संख्या में पटवारी भर्ती के अभ्यार्थियों की भीड़ जुटी हुई थी।
शांतिपूर्णहुई परीक्षा
^प्रशासनपुलिस की माकूल व्यवस्था से पटवार भर्ती परीक्षा शांतिपूर्ण हो गई। कई कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। साथ ही किसी परीक्षार्थी के पास आपत्तिजनक सामग्री भी नहीं मिली है। डाॅ.सूरजसिंहनेगी, एसडीएम, टोंक