दुष्कर्म के आरोपी को 10 साल सजा
विशिष्ठन्यायालय (पॉक्स एक्ट) के न्यायाधीश नरेन्द्र सिंह ने नाबालिग से दुष्कर्म करने के आरोपी को दोषी पाएं जाने पर दस साल की सजा एवं कुल 12 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।
इस प्रकरण में पुलिस थाना बनेठा में पीडि़ता नाबालिग के पिता ने इस आशय मामला दर्ज कराया था कि 23 जनवरी 2015 उसकी प|ी गाय को छोडऩे गई थी और दोनों पुत्रियां घर पर अकेली थी, वापिस आई तो एक पुत्री गायब मिली, जिस पर उसको तलाश किया लेकिन नहीं मिली। दूसरे दिन गांव के बड़ के बालाजी के रास्ते पर नाबालिग पुत्री घबराती हुई मिली,। पीडि़ता ने परिजनों को बताया कि उसको ककोड़ गांव निवासी कमलेश कीर पुत्र प्रभुलाल कीर एवं उसका साथी आशाराम कीर जबरन मोटरसाइकिल पर बिठाकर ले गए और टोंक के समीप बनास नदी में आशाराम के खेत पर ले गए। बनास नदी में बनी झुग्गी में ले जाकर कमलेश कीर ने जान से मारने की धमकी देकर उसके साथ 2-3 बार दुष्कर्म किया, जिस पर वह रोने लगी और बाद में उसने आशाराम को बुलाकर बाइक पर पर बैठाकर गांव के रास्ते पर छोड़ गया। पुलिस ने मामला दर्जकर आरोपी के खिलाफ धारा 363, 366ए, 367 आईपीसी, 4 पॉक्स एक्ट में न्यायालय में चालान पेश किया। जिस पर अभियोजन पक्ष की ओर से विशिष्ट लोक अभियोजक राजकिशोर गुर्जर ने 12 गवाह साक्ष्य के रुप में पेश किए। जिस पर विद्वान न्यायाधीश नरेन्द्र सिंह ने आरोपी कमलेश कीर को दुष्कर्म का दोषी मानते हुए धारा 363 में 5 साल की सजा एवं 2 हजार के अर्थदंड, 366ए में 10 साल की सजा 5 हजार के अर्थदंड, 5(एल) 6 पॉक्स एक्ट में 10 साल की सजा एवं 5 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित करने के आदेश पारित किए।